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कहा-अपना पीठ थपथपाने के बजाय दैनिक 15 हजार टेस्टिंग की व्यवस्था करे सरकार
भुवनेश्वर. राज्य में कोरोना की स्थिति गंभीर होती जा रही है. लगातार मामलों की संख्या में बढ़ रही है. इसके बावजूद मुख्यमंत्री नवीन पटनायक द्वारा वीडियो कान्फ्रेन्सिंग के जरिये दिये निर्देश को सरकारी अधिकारी मान नहीं रहे हैं. मुख्यमंत्री ने शीघ्र 15 हजार दैनिक टेस्टिंग की व्यवस्था करने की बात कही थी. आज तक यह पूरा नहीं हुआ, बल्कि टेस्टिंग की संख्य़ा कम हो रही है. उधर, राज्य के अधिकारी इस बात को ध्यान न देते हुए अपनी पीठ थपथपाने में व्यस्त हैं. भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री गोलक महापात्र ने पार्टी कार्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन में यह बात कही. इस अवसर पर पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता सुदीप्त राय भी उपस्थित थे. उन्होंने कहा कि पड़ोसी राज्य आंध्रप्रदेश प्रतिदिन 15 हजार दैनिक टेस्टिंग कर रहा है. आज तक आंध्रप्रदेश में कुल पांच लाख 67 हजार टेस्टिंग हो चुकी है. ओडिशा में अभी तक दो लाख पांच हजार टेस्टिंग ही हो सकी है. राज्य में दैनिक टेस्टिंग की दर उत्साहजनक नहीं है. अभी लगभग तीन हजार के आस-पास रोज टेस्टिंग हो रही है.
उन्होंने कहा कि व्यवसायी नियमित रुप से अधिक लोगों के साथ संपर्क में आ रहे हैं. इस कारण उन्हें कोरोना का संक्रमण होने की अधिक आशंका है. इसलिए अत्यावश्यक सामग्री के व्यवसायियों के कोरोना परीक्षण कराया जाए. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रवासी श्रमिकों को सात दिन संगरोध केन्द्रों में रखकर बिना टेस्टिंग घर जाने दे रही है. इससे कोरोना के फैलने की संभावना अधिक हो जा रही है. उन्होंने कहा कि घर-घर जाकर आशाकर्मियों के कोरोना के लक्षण वाले लोगों की पहचान करने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा लिये गये निर्णय का पार्टी स्वागत करती है. साथ ही पार्टी चाहती है कि उन्हें पीपीई कीट व अन्य सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराये जाए.
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