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एसटीएफ को बड़े रैकेट की आशंका
भुवनेश्वर: ओडिशा में अवैध रूप से घुसे 10 बांग्लादेशी नागरिकों की गिरफ्तारी ने एक बड़े घुसपैठी रैकेट की ओर इशारा किया है। कमिश्नरेट पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे भारत में कैसे दाखिल हुए, उन्हें कौन लाया, और क्या इससे पहले भी उनकी भारत यात्रा हुई थी।
अवैध घुसपैठ और पुलिस कार्रवाई
एसटीएफ के डीआईजी पिनाक मिश्रा ने बताया कि विशेष सूचना के आधार पर एक विशेष टीम ने छापेमारी कर 10 लोगों को गिरफ्तार किया, जिनमें एक नाबालिग और तीन महिलाएं शामिल हैं। उनके पास कोई वैध यात्रा दस्तावेज नहीं मिले, जिससे उन्हें विदेशी अधिनियम (Foreigners Act) की धारा 14 के तहत गिरफ्तार किया गया और अदालत में पेश किया गया।
एसटीएफ की जांच के प्रमुख बिंदु
• ये घुसपैठिये किस रास्ते से भारत आए और उनकी मदद किसने की?
• क्या वे पहले भी भारत आ चुके हैं और किन-किन शहरों में गए थे?
• क्या इसके पीछे कोई संगठित गिरोह काम कर रहा है?
• स्थानीय नेटवर्क और सहायता में कौन लोग शामिल हैं?
मिश्रा ने बताया कि कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं, और एसटीएफ अन्य एजेंसियों के साथ संपर्क में है।
रेलवे स्टेशन पर धरपकड़ और जब्ती
रविवार को स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने भुवनेश्वर रेलवे स्टेशन पर 10 बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया। वे बेंगलुरु से डिब्रूगढ़-चेन्नई एक्सप्रेस ट्रेन से सफर कर रहे थे। जांच में पाया गया कि उनके पास पासपोर्ट या वीजा नहीं था और वे असम के रास्ते भारत में अवैध रूप से दाखिल हुए थे।
पुलिस ने इनके पास से 7 मोबाइल फोन और भारतीय व बांग्लादेशी मुद्रा जब्त की है। अब यह जांच की जा रही है कि इन्हें भारत में घुसपैठ कराने वाला नेटवर्क कौन-सा है और क्या इन्हें स्थानीय स्तर पर कोई सहायता मिल रही थी।
बढ़ती सुरक्षा चिंताएं और कार्रवाई
यह घटना अवैध घुसपैठ और संभावित संगठित रैकेट के बढ़ते खतरे को उजागर करती है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क को बेनकाब करने और दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई करने के लिए अपनी जांच तेज कर रही हैं।
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