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भुवनेश्वर पहुंचने पर टीम का हुआ भव्य स्वागत
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खेल प्रतिभाओं से भरा पड़ा है ओडिशा का जनजातीय क्षेत्र, ध्यान देने की जरूरत : वीरेन्द्र बेताला
भुवनेश्वर। ओडिशा ने राष्ट्रीय जनजातीय खेल प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता है। ओडिशा की आदिवासी बेटी मंजुलता हेम्ब्रम ने हालही में रायपुर, छत्तीसगढ़ में आयोजित अखिल भारतीय जनजातीय प्रतियोगिता में भाग लेकर तीरंदाजी में तीन स्वर्ण पदक जीते हैं। इसी तरह मीना तिरिया ने 30 मीटर और 40 मीटर तीरंदाजी में दो कांस्य पदक जीते। ऐसे में पदक लेकर खिलाड़ी जब भुवनेश्वर पहुंचे तो यहां भुवनेश्वर रेलवे स्टेशन पर उनका भव्य स्वागत किया गया। टीम के कोच बुधूराम सिंह और मैनेजर शशिभूषण महाकुड़ ने खिलाड़ियों की मदद के लिए उनके साथ थे।Vखिलाड़ियों को ट्रेनिंग देने के लिए दो अनुभवी खेल शिक्षक नारायण प्रधान और रंजन महाकुड़ उनके साथ थे।
अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम की ओर से हर साल की तरह 2024 में रामपुर में 24वीं आदिवासी खेल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था।Vसुदूर अंडमान सहित देशभर के 30 राज्यों के 600 आदिवासी खिलाड़ियों ने इस प्रतियोगिता में भाग लिया। इसमें ओडिशा के 25 खिलाड़ी, जिनमें तीरंदाजी और फुटबॉल के खिलाड़ी भी शामिल हैं, हिस्सा लेकर वापस लौटे हैं। इस राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता के कारण हर साल अनेक खिलाड़ी, भाई-बहन सरकारी और प्राइवेट स्तर पर कार्यरत होकर अपने देश, धर्म, संस्कृति और परंपरा की रक्षा के लिए त्याग व मेहनत कर रहे हैं।
वनवासी कल्याण आश्रम भुवनेश्वर नगर के सचिव वीरेन्द्र बेताला ने कहा कि ओडिशा का जनजातीय क्षेत्र खेल प्रतिभाओं से भरा पड़ा है। यदि इन क्षेत्रों में प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन पर थोड़ा ध्यान दिया जाए तो भारतीय खेल जगत में बहुत सी प्रतिभाएं ऊभर सामने आ सकती हैं। वनवासी कल्याण आश्रम इस क्षेत्र में लगातार काम कर रहा है, जिसका परिणाम है कि आज ओडिशा के दो बच्चों ने राष्ट्रीय स्तर पर अपना, स्थान एवं प्रदेश का रोशन किया है।
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