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दुर्घटनाओं के बावजूद प्रशासन उदासीन
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केंदुझरगढ़ नगरपालिका के 21 वार्डों में 90 किमी लंबे नालों का खुला रहना गंभीर समस्या
केंदुझर। भारी दुर्घटनाओं के बाद भी केंदुझर में कई खुले नाले यात्रियों के लिए गंभीर खतरा बने हुए हैं। रिपोर्टों के अनुसार, केंदुझरगढ़ नगरपालिका के 21 वार्डों में 90 किलोमीटर लंबी नालियां हैं। इनमें से कुछ हिस्सों को ढका गया है, लेकिन अधिकांश अब भी खुले हैं। नतीजतन, वर्तमान बारिश के मौसम में दैनिक आधार पर कई दुर्घटनाएं हो रही हैं।
इस बीच भारी बारिश के कारण खुले नालों में पानी का स्तर बढ़ रहा है, जिससे सड़कों पर जलभराव हो रहा है। खुले नाले यात्रियों के लिए मौत के जाल में तब्दील हो गए हैं। स्थानीय निवासियों ने संबंधित अधिकारियों से नालों को स्लैब से ढकने का अनुरोध कई बार किया है, लेकिन उनकी अपील अनसुनी रही है।
निवासियों की समस्याएं
केंदुझरगढ़ के निवासी शुभेंदु पटनायक ने मीडिया को दिये गये बयान में कहा है कि क्षेत्र के निवासी खुले नालों के कारण गंभीर समस्याओं का सामना कर रहे हैं जो व्यावहारिक रूप से मौत के जाल में बदल गए हैं। लोगों के अलावा, मवेशियों की जान भी खतरे में है। हमने इस मुद्दे पर कई बार अधिकारियों से अनुरोध किया है, लेकिन वे हमारी बात नहीं सुन रहे हैं।
वार्ड नं. 6 की पार्षद इंदुमती मिश्रा ने कहा कि खुले नालों के कारण न केवल यात्रियों, बल्कि छोटे बच्चों की जान भी खतरे में है। इस वजह से रोजाना कई दुर्घटनाएं हो रही हैं। मैं प्रशासन से अनुरोध करती हूं कि इस मुद्दे को जल्द से जल्द सुलझाया जाए।
टेंडर प्रक्रिया में समस्याएं
केंदुझरगढ़ नगरपालिका के अध्यक्ष निखू साहू ने कहा कि कुछ हिस्सों को ढकने में टेंडर प्रक्रिया में समस्याएं आई हैं। कुछ हिस्सों को स्लैब से नहीं ढका गया है। हमने इस संबंध में एक प्रस्ताव पारित किया था और टेंडर बुलाए थे। बहुत काम पूरा हो चुका है, लेकिन कुछ वार्डों में नालों के काम के लिए ठेकेदार टेंडर प्रक्रिया में भाग नहीं ले रहे हैं। हम इस मुद्दे पर बैठक में चर्चा करेंगे और काम को जल्द से जल्द पूरा करने के कदम उठाएंगे।
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