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सभी अज्ञात शवों का वैज्ञानिक तरीके से किया जाएगा निपटान
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भुवनेश्वर नगर निगम मानक संचालन प्रक्रिया तैयार की
भुवनेश्वर। बीते दो जून को बालेश्वर जिले के बाहनगां में हुए भीषण रेल हादसे में मारे गए 28 लोगों के शवों का कोई दावेदार नहीं है। इस कारण इन शवों का निपाटन किया जाएगा। भुवनेश्वर नगर निगम (बीएमसी) ने अज्ञात शवों के निपटान के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार की है। बीएमसी ने रविवार को एसओपी जारी करते हुए कहा कि ट्रेन हादसे में मिले 28 अज्ञात शवों का वैज्ञानिक तरीके से निपटान किया जाएगा। सभी 28 शवों को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), भुवनेश्वर में कुछ विशेष कंटेनरों में संरक्षित किया गया था।
बीएमसी ने एम्स से श्मशान घाट तक शवों के सुचारू परिवहन के लिए दो से तीन शव वाहक उपलब्ध कराने का फैसला किया है। एम्स निदेशक शवों के दाह संस्कार के लिए राज्य, केंद्र और एनएचआरसी के मौजूदा नियमों और दिशानिर्देशों का पालन करते हुए शवों को बीएमसी स्वास्थ्य अधिकारी को सौंप देंगे। बीएमसी एसओपी में कहा गया है कि शवों को प्राप्त करने से लेकर दाह संस्कार तक की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी की जाएगी।
एम्स अधिकारियों के अनुसार, कुल 81 शव और 110 दावेदार थे। डीएनए नमूनों के मिलान के बाद 53 शव सौंपे गए। 28 शवों के लिए कोई दावेदार नहीं आया है।
यह रेल दुर्घटना 2 जून को हुई थी और 290 से अधिक लोगों की जान चली गई थी। इस दौरान चेन्नई जाने वाली कोरोमंडल एक्सप्रेस बाहनगां बाजार स्टेशन पर एक खड़ी मालगाड़ी से टकरा गई। इसके बाद पटरी से उतरे कुछ डिब्बों से विपरीत दिशा से हावड़ा लौट रही यशवंतपुर एक्सप्रेस से टकरा गई थी।
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