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ट्रॉली में लादकर शमशान घाट ले गए लोग
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दो दिनों से इलाके में पड़ा लावारिश शव
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प्रशासन ने नहीं दिया ध्यान तो स्वयंसेवी संगठनों ने अंतिम संस्कार के लिए उठाया कदम

कटक। कटक में एक सड़ते शव को शमशान घाट ले जाने के लिए महापारायण वाहन नहीं मिलने की एक घटना सामने आई है। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में शव को आज बुधवार को अंतिम संस्कार के लिए कटक के शेख बाजार इलाके से एक ट्रॉली में सतीचौरा ले जाया गया।
बताया जाता है कि मौत के दो दिन बाद भी शव इलाके में लावारिस पड़ा रहा। हालांकि यह सड़ना शुरू हो गया, लेकिन प्रशासन ने कथित तौर पर शव के दाह संस्कार पर कोई ध्यान नहीं दिया। अंत में कुछ स्वयंसेवी संगठनों ने कदम उठाया और शव को दाह संस्कार के लिए एक ट्रॉली पर सतीचौरा ले गए।
मृतक की पहचान सीमांचला बेहरा के रूप में हुई है, जो शेख बाजार इलाके का रहने वाला था।
जानकारी के मुताबिक, सीमांचल लंबे समय से बीमार चल रहा था। आखिरकार रविवार को उनका निधन हो गया। हालांकि, सीमांचल के परिवार में उसकी बहन के अलावा शव का अंतिम संस्कार करने वाला कोई नहीं था। लड़की ने अपने रिश्तेदारों और पड़ोसियों से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई भी मदद के लिए आगे नहीं आया। अंत में उसने मदद के लिए कुछ स्वयंसेवी संस्थाओं से संपर्क किया।
हालांकि स्वयंसेवी कार्यकर्ताओं ने कई बार महापारायण वाहन को फोन किया, लेकिन उन्होंने आरोप लगाया कि किसी ने कॉल रिसीव नहीं की गई। वे वाहन के पास भी गए, लेकिन चालक को आसपास नहीं पाया। अंत में दाह संस्कार के लिए शव को एक ट्रॉली पर लादकर सतीचौरा ले जाने के लिए मजबूर होना पड़ा।
इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बाद जिला प्रशासन पर सवालिया निशान खड़ा हो गया है। हालांकि प्रशासन की ओर से कोई टिप्पणी नहीं मिल सकी थी। घटना को लेकर मृतक की बहन सदमे में है। उसने कहा कि मेरे और मेरे भाई की तरह किसी को भी पीड़ित न होने दें। किसी को दाह संस्कार के लिए ट्रॉली पर नहीं ले जाना चाहिए।
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