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आयुर्वेदिक लेप और दवा से हो रहा है लावारिश मवेशियों का इलाज
कटक। कटक में लम्पी बीमारी को लेकर मिशन सब (सर्विंग एनिमल्स एंड बर्ड्स) ने एक मुहिम शुरू की है। लक्षण वाले पशुओं का आयुर्वेदिक लेप और दवा से इलाज किया जा रहा है। यह संस्था पिछले कई वर्षों से रास्ते में विचरने वाले जानवरों की सेवा करता आ रही है। रोजना लभग 150 जानवरों को दोनों समय कटक में घूम-घूमकर खाना दिया जाता है। इतना ही नहीं, रास्ते में कोई भी जानवर को कोई भी पीड़ा हो या कोई भी दुर्घटना हो, उसका तुरंत पता चलते ही इलाज करवाया जाता है। अभी इस समय कटक शहर में गायों और बैलों पर लंपी का खतरा मंडरा रहा है। लम्पी स्किन डिजीज को गांठदार त्वचा रोग वायरस भी कह सकते हैं। यह एक संक्रामक बीमारी है, जो एक पशु से दूसरे पशु को होती है। संक्रमित गाय या बैल के संपर्क में आने से अन्य गाय बैल भी बीमार हो सकते हैं।
संक्रमित होने के पांच से सात दिन तक एंटी बायोटिक देकर इसका इलाज किया जा सकता है। मिशन सब ने इससे लड़ने के लिए डॉक्टर्स से सलाह करने के बाद एक आयुर्वेदिक लेप तैयार किया है, जिसे लगाने से इनके शरीर में बहुत आराम मिलेगा और मक्खियां भी नही बैठेंगी। एक आयुर्वेदिक दवाई भी तैयार की है, जो पेट में जाकर इस बीमारी से थोड़ा आराम दिलाएगी, जिसमें खासकर नीम पत्तों का इस्तेमाल किया है, जो इस बीमारी से लड़ने में सबसे ज्यादा मददगार बतायी गयी है।
संपत्ति मोड़ा, मंजू सिपानी और कल्पना जैन द्वारा यह मिशन हर दिन चलाया जा रहा है, जिसमें कल्पना हर दिन चार चार घंटे गली-गली जाकर एक-एक गायों को चेक करके आयुर्वेदिक दवाई के साथ-साथ एलोपैथी दवाई भी दे रही हैं और पूरे शरीर पर लेप लगाने का कार्य भी कर रही है।
तीन दिन में ही इन बैलों और गायों में सुधार आना शुरू हो गया है। इन्हें पूरा पौष्टिक भोजन और साफ पानी भी दिया जा रहा है, ताकि इनके शरीर में कमजोरी न आए।
मिशन सब की ओर से सम्पत्ति मोड़ा ने निवेदन किया है कि किसी को भी कटक में कोई भी गाय एवं बैल में इस तरह के लक्षण नजर आते हैं, तो तुरंत टीम को सूचित करें ताकि उनका इलाज किया जा सके।
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