-
19 अन्य लोग हिरासत में लिये गये
-
10 नवंबर को मुठभेड़ में दो माओवादियों को मारने का किया गया था दावा
-
परिजनों कहा-मृतकों का माओवादियों से कोई संबंध नहीं
मालकानगिरि। कोरापुट जिले के मालीपदार जंगल में 10 नवंबर को दो लोगों की मुठभेड़ को लेकर कोटामेटा के पास एनएच-326 पर सड़क जाम करने के आरोप में आदिवासी नेता शरत बुरुदा समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में 19 अन्य को हिरासत में लिया गया है। पुलिस का दावा है कि दोनों माओवादी थे और सुरक्षाकर्मियों के साथ मुठभेड़ के दौरान मारे गये थे। मृतक व्यक्तियों के परिवार के सदस्यों ने आरोप लगाया कि मुठभेड़ फर्जी थी। मृतक व्यक्ति मालकानगिरि थानांतर्गत सरगीगुड़ा गांव के धाना खमार और नवरंगपुर जिले के कोसागुमुड़ा पुलिस सीमा के तहत नुआगड़ा गांव के जया कुमार नाग थे।
सरगीगुड़ा के ग्रामीणों और खमार के परिवार के सदस्यों ने कल उनके परिवार के लिए 30 लाख रुपये के मुआवजे की मांग को लेकर कोटामेटा के पास एनएच-326 को जाम कर दिया था। उन्होंने दावा किया कि खमार एक मजदूर था और जंगल के रास्ते कोटपाड़ जा रहा था। इसी दौरान उसकी हत्या कर दी गई।
उनका आरोप है कि पुलिस ने उसके पास से बरामद हथियार रखे थे और उसे माओवादी करार दिया था। नाग के परिवार के सदस्यों ने यह भी दावा किया कि उसका माओवादियों से कोई संबंध नहीं है। इस बीच, मामले की जांच शुरू कर दी गई है और खमार का परिवार उनके शव को वापस लाने के लिए कोरापुट गया था।
गौरतलब है कि डीआईजी साउथ-वेस्टर्न रेंज पंडित राजेश उत्तमराव ने पहले पुष्टि की थी कि कोरापुट के बोईपरिगुडा ब्लॉक के अंतर्गत गुप्तेश्वर पंचायत के मालीपदर वन क्षेत्र में 10 नवंबर को विशेष अभियान समूह (एसओजी) के जवानों के साथ हुई मुठभेड़ में दो माओवादी मारे गए हैं।
Indo Asian Times A Hindi Digital News Portal
