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राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने जिलाधिकारियों, निकाय आयुक्तों और जिला स्वास्थ्य अधिकारियों को पत्र लिखा
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संक्रमण बढ़ने पर पांबदियां बढ़ाने की बात सोची जाएंगी – जन स्वास्थ्य निदेशक
भुवनेश्वर. देश में कोरोना के बढ़ते मामलों के लेकर राज्य सरकार एक्शन मोड में आय गयी है. राज्य में कोरोना संक्रमण दर एक से दो अंकों के बीच होने के बावजूद प्रशासनिक अलर्ट जारी किया है. राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों, स्थानीय निकाय आयुक्तों और जिला स्वास्थ्य अधिकारियों को पत्र लिखकर सतर्क रहने को कहा है.
राज्य के जन स्वास्थ्य विभाग के निदेशक निरंजन मिश्र ने कहा कि देश में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं. खासकर देश के 4-5 राज्यों में कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन ओडिशा में यह स्थिति चिंताजनक नहीं है. यदि ओडिशा में संक्रमण के मामले बढ़ते हैं, तो पाबंदियां बढ़ाने पर विचार किया जाएगा. उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कोरोना के मामले बढ़ने के कारण केन्द्र सरकार ने राज्य सरकारों को कुछ परामर्श दिया है. तथ्यों के आधार पर कदम उठाने के लिए केन्द्र सरकार ने राज्य सरकारों को निर्देश दिया है. ओडिशा में भी सरकार सतर्कता बरत रही है. स्थिति पर नजर रखने के लिए जिलाधिकारियों व स्थानीय निकाय आयुक्तों तथा जिला स्वास्थ्य अधिकारियों को स्वास्थ्य विभाग ने पत्र लिखा है. उन्होंने कहा कि ओडिशा में स्थिति चिंताजनक नहीं है, लेकिन कभी भी मामलों में बृद्धि हो सकती है. क्लस्टर आउट ब्रेक पर नजर रखने के साथ-साथ टेस्ट बढ़ाने के लिए भी कहा गया है. यदि मामले में बढ़ोत्तरी होती है, तो इसे लेकर जिलास्तर पर एक्सन प्लान तैयार रखने के लिए कहा गया है. उन्होंने कहा कि महामारी अभी समाप्त नहीं हुई है. इसलिए सतर्कता बनाये रखना जरुरी है. लोगों का सहयोग भी इसमें अपेक्षित है. सभी जिलाधिकारियों, नगर आयुक्तों और मुख्य जिला चिकित्सा अधिकारियों को लिखे गये पत्र में दिये गये दिशानिर्देश कहा गया है कि साक्ष्य आधारित निर्णय लेने के लिए तैयार रहना होगा. जिलास्तर पर परीक्षण के निरंतर और महत्वपूर्ण स्तर के आधार पर उभरते आंकड़ों की निरंतर समीक्षा होनी चाहिए, ताकि प्रतिबंध या छूट के निर्णय को सुगम बनाया जा सके. हालांकि ये निर्णय साक्ष्य आधारित होने चाहिए. नये मामलों या समूह स्तर पर कोरोना संक्रमण के उभरने, मामले की सकारात्मकता, प्रभावित जनसंख्या, मामलों के भौगोलिक प्रसार और अस्पताल की बुनियादी ढांचे की तैयारी के संबंध में निरंतर समीक्षा करने को भी कहा गया है. कोरोना के लक्षण की निगरानी पहले की तरह जारी रखी जानी चाहिए और मामलों के बढ़ने का पता लगाने के लिए एक पूर्व चेतावनी प्रणाली की निगरानी की जानी चाहिए.
संक्रमित राज्यों से आने वालों पर रखी जायेगी नजर
राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने संबंधित अधिकारियों को लिखे गये पत्र में कहा है कि जिन राज्यों या देशों में कोरोना के संक्रमण काफी तेजी से बढ़ रहे हैं, वैसे जगहों से आने वाले लोगों पर कड़ी निगरानी जारी रखी जाएगी. स्वास्थ्य देखभाल प्रदाताओं, शैक्षणिक संस्थानों, आवासीय छात्रावासों आदि जैसे उच्च जोखिम और कमजोर आबादी की निगरानी तेज रखी जायेगी. साथ ही कहा गया है कि किसी भी तरह के मामलों का सामना करने के लिए और इसे व्यापक स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली में एकीकृत करने के लिए परीक्षण, निगरानी और उपचार तंत्र को आंतरिक रूप से मजबूत किया जाना चाहिए.
स्वास्थ्य विभाग ने एक बार फिर परीक्षण, ट्रैकिंग, उपचार, टीकाकरण और कोविद उपयुक्त व्यवहार प्रबंधन को मुख्य रणनीति बताया है और इसे मजबूत करने को कहा है. साथ ही नवीनतम आईसीएमआर दिशानिर्देश के अनुसार परीक्षण रणनीति का पालन करना होगा. पॉजिटिव मामलों का डब्ल्यूजीएस समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार करना होगा. साथ ही यह सुनिश्चित करने के लिए भी कहा गया है कि होम आइसोलेशन प्रोटोकॉल का ईमानदारी से पालन किया जाए और उपचार का उचित प्रावधान हो. सभी गैरकोविद स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं को पूरी तरह से चालू किया जाना है. समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार सभी लाभार्थियों को टीकाकरण कवरेज सुनिश्चित करने को कहा गया है. साथ ही भीड़ की स्थिति पर भी नजर रखने को कहा गया है.
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