Home / Odisha / ओडिशा बनेगा एल्युमिनियम इंडस्ट्री का बड़ा हब!
IAT NEWS INDO ASIAN TIMES ओडिशा की खबर, भुवनेश्वर की खबर, कटक की खबर, आज की ताजा खबर, भारत की ताजा खबर, ब्रेकिंग न्यूज, इंडिया की ताजा खबर

ओडिशा बनेगा एल्युमिनियम इंडस्ट्री का बड़ा हब!

  •     अनिल अग्रवाल ने रखा वेदांता के विस्तार का प्लान

  •     3 मिलियन टन के नए प्लांट की तैयारी

  •     बॉक्साइट उत्पादन बढ़ाने और स्थानीय युवाओं को रोजगार देने पर जोर

भुवनेश्वर। वेदांता के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने ओडिशा को एल्युमिनियम उद्योग की वैश्विक ताकत बनाने की दिशा में बड़ा विजन सामने रखा है। उन्होंने राज्य में 3 मिलियन टन क्षमता के नए एल्युमिनियम प्लांट की तैयारी के साथ बॉक्साइट उत्पादन बढ़ाने और स्थानीय युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित करने की योजना पर जोर दिया। अग्रवाल का यह विजन ओडिशा की खनिज संपदा को औद्योगिक विकास, निवेश और रोजगार के बड़े अवसरों में बदलने की महत्वाकांक्षी तस्वीर पेश करता है।

ओडिशा में एल्युमिनियम उद्योग के विस्तार को लेकर राजधानी भुवनेश्वर में आयोजित पत्रकार सम्मेलन में वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने कंपनी की भविष्य की योजनाओं और निवेश को लेकर महत्वपूर्ण बातें सामने रखीं।

उन्होंने कहा कि ओडिशा में प्राकृतिक संसाधनों, बिजली और औद्योगिक आधारभूत ढांचे की उपलब्धता के कारण एल्युमिनियम उद्योग को बड़े स्तर पर आगे बढ़ाने की क्षमता है। कंपनी राज्य में अपने मौजूदा निवेश के साथ नई परियोजनाओं और डाउनस्ट्रीम उद्योगों के विकास पर भी जोर दे रही है।

अग्रवाल ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल बड़े प्लांट स्थापित करना नहीं, बल्कि उनके आसपास एक ऐसा औद्योगिक इकोसिस्टम तैयार करना है, जिससे स्थानीय युवाओं, छोटे उद्यमियों और स्टार्टअप को भी रोजगार एवं कारोबार के अवसर मिल सकें।

अनिल अग्रवाल ने बताया कि ओडिशा में प्रस्तावित नए प्लांट के लिए जमीन आवंटन हो चुकी है और कंपनी करीब 3 मिलियन टन क्षमता का प्लांट स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि परियोजना को जल्द से जल्द जमीन पर उतारने की उनकी इच्छा है।

उन्होंने एल्युमिनियम की बढ़ती वैश्विक मांग का उल्लेख करते हुए कहा कि आज एल्युमिनियम का इस्तेमाल विमान, रेलवे, बस, कार और विभिन्न औद्योगिक उत्पादों में बड़े पैमाने पर हो रहा है। ऐसे में एल्युमिनियम उत्पादन के साथ उससे जुड़े डाउनस्ट्रीम उद्योगों को बढ़ावा देने की भी व्यापक संभावनाएं हैं।

अग्रवाल के मुताबिक, बड़े प्लांट के आसपास कई छोटी और मध्यम औद्योगिक इकाइयां स्थापित हो सकती हैं। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के साथ-साथ नए कारोबार का नेटवर्क विकसित होगा।

बॉक्साइट उत्पादन बढ़ाने पर जोर

ओडिशा के खनिज संसाधनों का जिक्र करते हुए अग्रवाल ने बॉक्साइट उत्पादन बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत में बॉक्साइट के पर्याप्त संसाधन मौजूद हैं, लेकिन इसके बावजूद देश को कुछ मात्रा में बॉक्साइट आयात करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि खनिज संसाधनों का वैज्ञानिक और टिकाऊ तरीके से उपयोग किया जाना चाहिए। अग्रवाल ने उम्मीद जताई कि आने वाले 2-3 वर्षों में बॉक्साइट उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है। उनके अनुसार, स्थानीय स्तर पर बॉक्साइट उपलब्ध होने से एल्युमिनियम उद्योग को कच्चे माल की आपूर्ति मजबूत होगी और इससे रोजगार तथा आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है।

स्थानीय युवाओं और छोटी इंडस्ट्री पर फोकस

वेदांता के विस्तार के साथ स्थानीय युवाओं को रोजगार और उद्यमिता के अवसर देने पर भी अग्रवाल ने जोर दिया। उन्होंने कहा कि बड़ी औद्योगिक परियोजनाओं के साथ छोटी और मध्यम इंडस्ट्री को विकसित करना जरूरी है। उन्होंने स्टार्टअप और युवा उद्यमियों से आगे आने का आह्वान करते हुए कहा कि कंपनी आसपास के क्षेत्रों में उद्योग लगाने वालों को कच्चा माल और बिजली जैसी सुविधाओं में सहयोग देने की दिशा में काम कर सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि एल्युमिनियम आधारित उत्पादों की बड़ी श्रृंखला तैयार की जा सकती है, जिससे स्थानीय स्तर पर नए उद्योगों के लिए बाजार तैयार होगा।

लांजीगढ़ और झारसुगुड़ा मॉडल का जिक्र

अनिल अग्रवाल ने ओडिशा में वेदांता के लंबे औद्योगिक सफर का उल्लेख करते हुए लांजीगढ़ और झारसुगुड़ा का विशेष रूप से जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में उद्योग स्थापित करने और उन्हें स्थिर रूप से चलाने में समय लगा, लेकिन इसके साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियां भी बढ़ीं। उन्होंने कहा कि उद्योगों के विकास के साथ स्थानीय लोगों का विश्वास हासिल करना भी जरूरी है। किसी भी बड़े प्रोजेक्ट को स्थापित करने के लिए स्थानीय समुदाय की भागीदारी, रोजगार और सामाजिक विकास पर ध्यान देना आवश्यक है।

ईएसजी और पर्यावरण को बताया प्राथमिकता

माइनिंग और मेटल उद्योग से जुड़े पर्यावरणीय सवालों पर अग्रवाल ने कहा कि ईएसजी यानी पर्यावरण, सामाजिक जिम्मेदारी और कॉरपोरेट गवर्नेंस कंपनी की महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि खनन और औद्योगिक गतिविधियों के साथ पर्यावरण संरक्षण तथा सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखना जरूरी है। उन्होंने कंपनी की खदानों में सुरक्षा और महिला कर्मचारियों की भागीदारी का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक तरीके से खनिज संसाधनों का इस्तेमाल करते हुए पर्यावरण और उद्योग के बीच संतुलन बनाया जा सकता है।

निवेशकों का भरोसा बढ़ाने की जरूरत

ओडिशा में नए निवेश को लेकर अग्रवाल ने कहा कि निवेशकों के बीच भरोसा बढ़ाना सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने डिजिटल मंजूरी प्रक्रिया, तेज क्लियरेंस और सरल नियमन को उद्योगों के विकास के लिए जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि देश के कई राज्य निवेश आकर्षित करने के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। ऐसे में ओडिशा को अपने प्राकृतिक संसाधनों, बिजली, बंदरगाह, इंफ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिक क्षमता का लाभ उठाना चाहिए।

पर्यटन और सेवा क्षेत्र में भी संभावनाएं

अग्रवाल ने ओडिशा में पर्यटन और होटल उद्योग के विस्तार की संभावनाओं की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि राज्य में पर्यटन बढ़ रहा है और आने वाले समय में होटल एवं अन्य सेवा क्षेत्रों में निवेश की जरूरत होगी। औद्योगिक विकास के साथ पर्यटन, परिवहन, होटल और अन्य सेवाओं का विस्तार स्थानीय अर्थव्यवस्था को और गति दे सकता है।

Share this news

About desk

Check Also

वेदांता को 200 साल तक चलाना है – अनिल अग्रवाल

    अडाणी विवाद के बीच वेदांता चेयरमैन ने कॉरपोरेट जगत को दिया दीर्घकालिक संदेश …