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हाईटेंशन टावर गिरा; तीन ट्रेनें रद्द
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मालिगुड़ा-छत्रीपुट रेलखंड पर भारी बारिश और तेज हवाओं से भारी नुकसान
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कई जगह मलबे में दबे ट्रैक
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यात्रियों की मदद के लिए मुफ्त बस सेवा शुरू
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हीराखंड एक्सप्रेस आठ घंटे की देरी से पहुंची
कोरापुट। ओडिशा के कोरापुट जिले में लगातार भारी बारिश और तेज हवाओं ने रेलवे के बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया है। मालिगुड़ा और छत्रीपुट के बीच कई स्थानों पर भूस्खलन के कारण रेलवे ट्रैक मिट्टी और मलबे में दब गए हैं, जबकि मिट्टी का कटाव होने से रेल पटरियां धंस गई हैं। इसी दौरान मालिगुड़ा स्टेशन के पास एक विशाल हाईटेंशन बिजली ट्रांसमिशन टावर टूटकर सीधे रेलवे लाइन पर गिर गया, जिससे रेल परिचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
रेलवे प्रशासन के सामने क्षतिग्रस्त रेलखंड को बहाल करने और फंसे हुए यात्रियों को सुरक्षित उनके गंतव्य तक पहुंचाने की चुनौती है। स्थिति को देखते हुए तीन ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है, जबकि कुछ ट्रेनों का परिचालन कोरापुट स्टेशन तक सीमित किया गया है।
बिजली टावर रेलवे लाइन पर गिरा
कोरापुट जिले में मूसलाधार बारिश के कारण मालिगुड़ा-छत्रीपुट रेलखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में मिट्टी का भारी कटाव हुआ है। पहाड़ियों से मिट्टी और मलबा खिसककर रेलवे ट्रैक पर आ गया, जिससे कई स्थानों पर पटरियां धंस गईं। तेज हवाओं के कारण बिजली के कई खंभे भी उखड़ गए हैं।
मालिगुड़ा स्टेशन के पास भारी-भरकम हाईटेंशन ट्रांसमिशन टावर तेज हवा और जमीन खिसकने के कारण क्षतिग्रस्त होकर रेलवे लाइन पर गिर पड़ा। इससे रेलखंड पर यातायात पूरी तरह बाधित हो गया और ट्रेनों का परिचालन रोकना पड़ा।
डीआरएम ने रात में पहुंचकर लिया जायजा
रेलवे की स्थिति का जायजा लेने के लिए रायगड़ा मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) अमिताभ सिंघल शुक्रवार देर रात घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने क्षतिग्रस्त रेलखंड का निरीक्षण किया और राहत एवं बहाली कार्यों की निगरानी की।
रेलवे की तकनीकी और मरम्मत टीमें प्रतिकूल मौसम के बीच मलबा हटाने, क्षतिग्रस्त ट्रैक की मरम्मत करने और रेल परिचालन बहाल करने में जुटी हुई हैं। अधिकारियों के अनुसार, मिट्टी के कटाव और बिजली टावर गिरने से हुए नुकसान की व्यापकता को देखते हुए सामान्य परिचालन बहाल करने में समय लग सकता है।
तीन ट्रेनें रद्द, कई ट्रेनों का परिचालन प्रभावित
रेलखंड पर परिचालन बाधित होने के कारण रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई परिचालन संबंधी फैसले लिए हैं।
रद्द की गई ट्रेनों में किरंदुल-विशाखापट्टनम एक्सप्रेस, किरंदुल-विशाखापट्टनम पैसेंजर और राउरकेला-जगदलपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त, दो आने वाली ट्रेनों को उनके निर्धारित गंतव्य तक भेजने के बजाय कोरापुट स्टेशन पर ही समाप्त किया जाएगा। इससे आगे की यात्रा करने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
हीराखंड एक्सप्रेस आठ घंटे की देरी से पहुंची
रेलखंड पर अवरोध और ट्रैक पर मलबा जमा होने के कारण हीराखंड एक्सप्रेस भी बुरी तरह प्रभावित हुई। ट्रेन लगभग आठ घंटे की देरी से शाम 4:10 बजे कोरापुट स्टेशन पहुंची।
लंबे समय तक ट्रेनों के बाधित रहने से यात्रियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा के लिए कोरापुट से जयपुर और जगदलपुर की ओर मुफ्त विशेष बस सेवाओं की व्यवस्था की है, ताकि प्रभावित यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचने में मदद मिल सके।
सामान्य रेल परिचालन बहाल होने में लगेगा समय
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, मालिगुड़ा-छत्रीपुट रेलखंड पर मिट्टी के कटाव, भूस्खलन और ट्रांसमिशन टावर गिरने से हुई क्षति की मरम्मत चुनौतीपूर्ण है। ट्रैक की सुरक्षा सुनिश्चित करने और रेल परिचालन बहाल करने के लिए व्यापक मरम्मत कार्य आवश्यक है।
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