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आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बड़ी सौगात
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वार्षिक वर्दी भत्ता बढ़कर हुआ 1,500 रुपये
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बिजली बिल भुगतान के लिए डीआईपीटीआई पोर्टल शुरू
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27 से 29 सितंबर तक राज्य के 74,224 आंगनबाड़ी केंद्रों में होगा ‘आंगन का उत्सव’
भुवनेश्वर। ओडिशा में आंगनबाड़ी सेवाओं को सुदृढ़ करने और जमीनी स्तर पर पोषण, स्वास्थ्य एवं बाल विकास कार्यक्रमों को गति देने के उद्देश्य से उपमुख्यमंत्री प्रभाती परिडा ने शनिवार को राज्यव्यापी ‘आंगन का उत्सव’ अभियान का वर्चुअल शुभारंभ किया। महिला एवं बाल विकास विभाग के सम्मेलन कक्ष से आयोजित इस कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए वार्षिक वस्त्र भत्ते में वृद्धि के साथ बिजली बिल भुगतान की प्रक्रिया को डिजिटल और पारदर्शी बनाने के लिए नई पहल की घोषणा की गई।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता माताओं और बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य तथा प्रारंभिक शिक्षा की व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। सरकार का उद्देश्य उन्हें आर्थिक एवं प्रशासनिक बोझ से राहत देकर बच्चों और महिलाओं की बेहतर देखभाल के लिए अधिक समय उपलब्ध कराना है।
1.48 लाख कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को मिलेगा लाभ
राज्य सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के वार्षिक वस्त्र भत्ते में वृद्धि करने का निर्णय लिया है। इसके तहत अब उन्हें प्रतिवर्ष 1,390 रुपये के स्थान पर 1,500 रुपये दिए जाएंगे। इस योजना पर कुल 22.30 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिससे राज्यभर के लगभग 1.48 लाख आंगनबाड़ी कर्मियों को सीधा लाभ मिलेगा।
योजना के तहत केंद्र सरकार की ओर से प्रति लाभार्थी 600 रुपये तथा ओडिशा सरकार की ओर से 900 रुपये का योगदान दिया जाएगा। इस प्रकार कुल 1,500 रुपये वार्षिक वस्त्र भत्ते के रूप में उपलब्ध कराए जाएंगे।
डीआईपीटीआई पोर्टल से बिजली बिल भुगतान होगा आसान
आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन में होने वाले खर्च और बिजली बिल भुगतान की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग ने डीआईपीटीआई (डायरेक्ट इनवॉइस पेमेंट एंड ट्रैकिंग इंटरफेस) पोर्टल शुरू किया है। इसके साथ ही ओडिशा का महिला एवं बाल विकास विभाग बिजली बिल प्रबंधन के लिए डिजिटल व्यवस्था लागू करने वाला राज्य का पहला सरकारी विभाग बन गया है।
महिला एवं बाल विकास विभाग और राज्य की बिजली वितरण कंपनियों के संयुक्त सहयोग से विकसित इस पोर्टल के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों के बिजली बिलों का डिजिटल सत्यापन, भुगतान और निगरानी की जा सकेगी। इससे बिल भुगतान की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित होगी तथा कार्यकर्ताओं को बिजली बिलों के प्रशासनिक कार्यों में लगने वाले समय और परेशानियों से राहत मिलेगी।
जिम्मेदारियों का बोझ कम होगा
उपमुख्यमंत्री प्रभाती परिडा ने कहा कि इस व्यवस्था से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं पर वित्तीय और प्रशासनिक जिम्मेदारियों का बोझ कम होगा। वे अपना अधिक समय माताओं और बच्चों को पोषण, स्वास्थ्य तथा विकास संबंधी सेवाएं प्रदान करने में लगा सकेंगी।
74,224 आंगनबाड़ी केंद्रों में तीन दिवसीय आयोजन
‘आंगन का उत्सव’ अभियान 27 से 29 सितंबर 2026 तक राज्य के सभी 74,224 आंगनबाड़ी केंद्रों में आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम पोषण माह और सेवा संकल्प अभियान के साथ जुड़ा हुआ है। इसमें 37.11 लाख से अधिक लाभार्थियों और आंगनबाड़ी प्रबंधन समितियों के सदस्यों के साथ-साथ तीन से छह वर्ष आयु वर्ग के 13.03 लाख बच्चों की भागीदारी प्रस्तावित है।
तीनों दिनों के लिए अलग-अलग गतिविधियां
अभियान के तीनों दिनों के लिए अलग-अलग गतिविधियां निर्धारित की गई हैं। पहले दिन, 27 सितंबर को पोषण और पारंपरिक खाद्य पदार्थों पर केंद्रित कार्यक्रम होंगे। स्थानीय सामग्री से पौष्टिक व्यंजन तैयार करने की प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। पारंपरिक पोषण पीठा बनाने और पौष्टिक भोजन के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर विशेष जोर रहेगा। इन गतिविधियों में बच्चों के पिताओं की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी।
दूसरे दिन, 28 सितंबर को बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा, मनोरंजन और रचनात्मक गतिविधियों पर ध्यान दिया जाएगा। आंगनबाड़ी केंद्रों में खेलकूद, कहानी सुनाने और प्रारंभिक शिक्षण सामग्री ‘आम कुणिपिला’ तथा ‘मो विकास पत्र’ से परिचित कराने जैसी गतिविधियां होंगी। बच्चों को लस्सी, स्थानीय ताजे फल और पौष्टिक मिलेट कुकीज भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
तीसरे दिन, 29 सितंबर को विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए कार्यक्रम आयोजित होंगे। इनमें पोषण, सुभद्रा, ममता, प्रधानमंत्री आवास योजना और अद्विका जैसी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। अभियान का समापन आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं के लिए पौष्टिक ‘तिरंगा थाली’ भोजन के साथ होगा।
सामुदायिक भागीदारी पर दिया जोर
कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग की आयुक्त-सह-सचिव डॉ मृणालिनी दरसवाल, विभाग की निदेशक मोनिषा बनर्जी तथा टीपी सेंट्रल ओडिशा डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (टीपीसीओडीएल) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गजानन एस काले उपस्थित रहे।
सभी अधिकारियों ने अभियान को सफल बनाने के लिए स्थानीय समुदायों, आंगनबाड़ी प्रबंधन समितियों, अभिभावकों और संबंधित विभागों से सक्रिय सहयोग की अपील की। उन्होंने पोषण, प्रारंभिक बाल शिक्षा और मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने में सामुदायिक भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया।
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