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वेदांता को 200 साल तक चलाना है – अनिल अग्रवाल

  •     अडाणी विवाद के बीच वेदांता चेयरमैन ने कॉरपोरेट जगत को दिया दीर्घकालिक संदेश

  •     वेदांता को आने वाली पीढ़ियों तक मजबूत कंपनी बनाने का संकल्प

  •     बोले- ऐसी कंपनी बनाना चाहता हूं, जो आने वाली पीढ़ियों तक विकास में देती रहे योगदान

अविनाश पटनायक, भुवनेश्वर।

उद्योग जगत में अडाणी समूह से जुड़े हालिया विवादों और कॉरपोरेट समूहों की दीर्घकालिक स्थिरता को लेकर चर्चाओं के बीच वेदांता के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने कंपनी के भविष्य को लेकर एक बड़ा विजन सामने रखा है। उन्होंने कहा कि उनकी इच्छा है कि वेदांता ऐसी कंपनी बने, जो 100 से 200 वर्षों तक मजबूती से चलती रहे और लगातार देश तथा ओडिशा के विकास में योगदान देती रहे। उनके इस बयान को वेदांता को किसी व्यक्ति या एक दौर तक सीमित न रखकर आने वाली पीढ़ियों तक कायम रखने की उनकी सोच के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि उनका लक्ष्य केवल बड़े-बड़े औद्योगिक संयंत्र खड़े करना नहीं है। वेदांता रोजगार के अवसर पैदा करने, स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देने और ऐसा मजबूत औद्योगिक तंत्र विकसित करने पर जोर दे रही है, जो लंबे समय तक आर्थिक गतिविधियों का आधार बने।

ओडिशा में बड़े विस्तार के बीच सामने आया दीर्घकालिक विजन

ओडिशा में वेदांता के प्रस्तावित विस्तार को भी इसी दीर्घकालिक सोच से जोड़कर देखा जा रहा है। कंपनी ने राज्य सरकार के साथ 3 मिलियन टन प्रतिवर्ष क्षमता वाले एल्युमिनियम प्लांट और एल्युमिनियम पार्क सहित करीब एक लाख करोड़ रुपये के निवेश की योजनाएं घोषित की हैं। कंपनी के अनुसार इन पहलों से रोजगार और स्थानीय एमएसएमई के लिए अवसर बढ़ाने का लक्ष्य है।

अनिल अग्रवाल का 100-200 वर्षों तक चलने वाली कंपनी का विजन ऐसे समय सामने आया है, जब बड़े कारोबारी समूहों की मजबूती, कर्ज, विस्तार और कॉरपोरेट ढांचे को लेकर लगातार सार्वजनिक चर्चा होती रही है। हालांकि, उनके इस बयान को अडाणी समूह के साथ किसी प्रत्यक्ष टकराव या विवाद का जवाब मानने के लिए उनके बयान में ऐसा स्पष्ट उल्लेख उपलब्ध नहीं है।

अडाणी विवाद पर सवाल, जवाब से बचे अनिल अग्रवाल

कार्यक्रम के दौरान मीडिया ने अनिल अग्रवाल से अडाणी समूह से जुड़े विवाद को लेकर सीधे सवाल किए और इस मुद्दे पर उनका पक्ष जानने की कोशिश की। हालांकि, अग्रवाल ने विवाद पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया देने के बजाय सवाल को टाल दिया। उन्होंने बातचीत को वेदांता की दीर्घकालिक योजनाओं, कंपनी के विस्तार और आने वाली पीढ़ियों तक कारोबार को मजबूत बनाए रखने के अपने विजन की ओर मोड़ दिया।

अग्रवाल ने अपने संबोधन के दौरान कहा कि उनकी इच्छा है कि वेदांता केवल आज की एक बड़ी कंपनी बनकर न रहे, बल्कि 100 से 200 वर्षों तक चलने वाली संस्था बने। उन्होंने रोजगार सृजन, स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देने और देश तथा ओडिशा के विकास में निरंतर योगदान को कंपनी के दीर्घकालिक उद्देश्य से जोड़ा। इस तरह अडाणी विवाद पर उठे सवाल का सीधा जवाब देने के बजाय अग्रवाल ने अपने संदेश के जरिए वेदांता के भविष्य और उसकी दीर्घकालिक मौजूदगी पर जोर दिया।

मजबूत औद्योगिक इकोसिस्टम करेंगे तैयार

उन्होंने कहा कि कंपनी का लक्ष्य केवल बड़े उद्योग स्थापित करना नहीं है, बल्कि रोजगार पैदा करना, स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देना और एक मजबूत औद्योगिक इकोसिस्टम तैयार करना भी है। एल्युमिनियम, बॉक्साइट और डाउनस्ट्रीम उद्योगों में प्रस्तावित विस्तार के साथ ओडिशा के औद्योगिक क्षेत्र में आने वाले वर्षों में निवेश और रोजगार के नए अवसर बनने की संभावना है।

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