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मयूरभंज में बाढ़ का पानी घटा, 20 प्रखंड अब भी प्रभावित

  •     10,373 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया

  •     89 राहत शिविर और 72 मुफ्त रसोई केंद्र सक्रिय

  •     उदला, काप्तिपाड़ा, बांगिरीपोसी और सरस्कना में सड़क संपर्क बहाल

  •     सात प्रखंडों में कक्षा 1 से 12 तक स्कूल बंद

बारिपदा। ओडिशा के मयूरभंज जिले में लगातार बारिश और नदियों के बढ़े जलस्तर से उत्पन्न बाढ़ की स्थिति में कुछ क्षेत्रों में सुधार शुरू हुआ है। कई इलाकों से बाढ़ का पानी धीरे-धीरे उतरने लगा है और पहले बंद पड़े कुछ सड़क मार्गों पर आवागमन भी बहाल कर दिया गया है। हालांकि, जिले के कई हिस्सों में अब भी बाढ़ का खतरा बना हुआ है और प्रशासन राहत एवं बचाव कार्यों में जुटा है।

उदला, काप्तिपाड़ा, बांगिरीपोसी और सरस्कणा क्षेत्रों में जलस्तर कम होने के बाद कई सड़क मार्ग फिर से खुल गए हैं। यातायात बहाल होने से प्रभावित क्षेत्रों में जनजीवन धीरे-धीरे सामान्य होने लगा है। इसके बावजूद निचले इलाकों में प्रशासन की निगरानी जारी है।

20 प्रखंड, एक नगरपालिका और एक एनएसी प्रभावित

भारी बारिश और नदियों के बढ़े जलस्तर से मयूरभंज जिले के 20 प्रखंड, एक नगरपालिका और एक अधिसूचित क्षेत्र परिषद प्रभावित हुए हैं। बेटनटी और बड़साही प्रखंड बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में शामिल हैं।

बेटनटी प्रखंड के पाटलीपुरा और कलमा तथा बड़साही प्रखंड के सालागांव, मनगोबिंदपुर, चंदनपुर, दुर्गापुर, केंदुडीहा और बलभद्रपुर समेत कई गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। कई घरों और कृषि क्षेत्रों के जलमग्न होने की सूचना है।

पुल पर 2 से 3 फीट पानी, कई मार्गों पर आवागमन बंद

बूढ़ाबलंग नदी पर नखरा पुल में भी जलस्तर बढ़ गया है। पुल पर करीब दो से तीन फीट पानी बहने की सूचना है। इसके कारण बेटनटी-बड़साही और मनात्री-बैसिंगा मार्गों पर यातायात रोक दिया गया है। इन मार्गों के बंद होने से कई गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ है।

10,373 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया

स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए 10,373 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। प्रभावित लोगों के लिए जिले में 89 राहत शिविर खोले गए हैं। इन शिविरों में भोजन उपलब्ध कराने के लिए 72 मुफ्त रसोई केंद्र संचालित किए जा रहे हैं।

दूरदराज के गांवों में प्रशासनिक अधिकारी और बचाव दल पहुंचकर लोगों को भोजन, पेयजल और चिकित्सा सहायता उपलब्ध करा रहे हैं। राहत शिविरों में बच्चों, बुजुर्गों और बीमार अथवा चिकित्सा सहायता की आवश्यकता वाले लोगों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

तीन ओड्राफ और 18 अग्निशमन दल तैनात

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बचाव एवं राहत कार्यों के लिए तीन ओड्राफ दल और 18 अग्निशमन दल तैनात किए गए हैं। टीमें प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालने के साथ-साथ दूरदराज के क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंचाने का काम कर रही हैं।

प्रशासन की ओर से घरों, घरेलू सामान और खड़ी फसलों को हुए नुकसान का भी आकलन किया जा रहा है। पानी घटने के साथ प्रभावित इलाकों में नुकसान का वास्तविक आकलन तेज किए जाने की संभावना है।

सात प्रखंडों में स्कूल बंद

बाढ़ की स्थिति और सड़क संपर्क प्रभावित होने को देखते हुए जिला प्रशासन ने सात प्रखंडों में कक्षा पहली से 12वीं तक के सभी स्कूल बंद रखने का आदेश दिया है। इनमें ठाकुरमुंडा, काप्तिपाड़ा, उदला, गोपबंधुनगर, खुंटा, बड़साही और बेटनटी शामिल हैं।

प्रशासन ने यह फैसला विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया है। अधिकारियों ने लोगों से बाढ़ प्रभावित सड़कों पर अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन के संपर्क में रहने की अपील की है।

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