-
कारखानों और कार्यस्थलों पर विशेष आयोजन
भुवनेश्वर। ओडिशा में गुरुवार को भगवान विश्वकर्मा की पूजा पारंपरिक श्रद्धा और उत्साह के साथ मनी। राज्यभर में कारखानों, कार्यस्थलों, वर्कशॉप और विभिन्न संस्थानों में विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में लोग भगवान विश्वकर्मा के साथ अपने काम में इस्तेमाल होने वाले औजारों, वाहनों, मशीनों और अन्य उपकरणों की भी पूजा कर रहे हैं।
मान्यता है कि भगवान विश्वकर्मा की पूजा करने से व्यवसाय में समृद्धि आती है और कार्यस्थलों पर प्रगति एवं सुचारू संचालन सुनिश्चित होता है। हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान विश्वकर्मा को देवताओं का दिव्य वास्तुकार माना जाता है। मान्यता है कि उन्होंने प्राचीन काल में देवताओं के लिए विभिन्न महलों, अस्त्र-शस्त्रों और अन्य संरचनाओं का निर्माण किया था।
अनुगोल जिले के नाल्को नगर सहित विभिन्न क्षेत्रों में विश्वकर्मा पूजा बड़े पैमाने पर आयोजित की जा रही है। अनुगोल शहर में कुल 19 पूजा मंडप स्थापित किए गए हैं, जहां भगवान विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना की जा रही है।
विभिन्न उद्योगों, व्यवसायों और कार्यस्थलों से जुड़े श्रमिक, कारीगर, व्यापारी और अन्य लोग पूजा में शामिल होकर अपने काम में प्रगति, समृद्धि और कार्यों के सुचारू संचालन की कामना कर रहे हैं।
बंदरगाह नगरी पारादीप में भी विश्वकर्मा पूजा को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है। विभिन्न श्रमिक संगठनों के अलावा ट्रॉलर ओनर्स एसोसिएशन और ट्रक ओनर्स एसोसिएशन की ओर से बड़े पैमाने पर पूजा का आयोजन किया गया है।
पारादीप में करीब 15 बड़े और छोटे पूजा मंडप बनाए गए हैं, जहां धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जा रहे हैं। शाम को विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा।
विश्वकर्मा पूजा विशेष रूप से औद्योगिक श्रमिकों, मैकेनिकों, इंजीनियरों, कारीगरों, परिवहन क्षेत्र से जुड़े लोगों और विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस अवसर पर लोग अपने कार्य और आजीविका में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले औजारों एवं मशीनों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करते हैं।
Indo Asian Times A Hindi Digital News Portal
