-
स्वास्थ्य मंत्री मुकेश महालिंग शामिल हुए
-
नेपाल और श्रीलंका सहित विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया
भुवनेश्वर। ओडिशा के स्वास्थ्य मंत्री डॉ मुकेश महालिंग ने भुवनेश्वर में आयोजित दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र के देशों के लिए पांडुलिपि विज्ञान पर पूर्व कार्यशाला में भाग लिया। इस कार्यशाला का आयोजन भुवनेश्वर स्थित केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान और हैदराबाद स्थित विश्व स्वास्थ्य संगठन सहयोग केंद्र, भारतीय चिकित्सा विरासत के राष्ट्रीय संस्थान की ओर से किया गया।
कार्यशाला में ताड़पत्र पांडुलिपियों और प्राचीन चिकित्सा ज्ञान के संरक्षण, अध्ययन तथा शोध से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई। इसमें नेपाल और श्रीलंका सहित विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में डॉ महालिंग ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में आयुष क्षेत्र को बढ़ावा देने के साथ-साथ भारत की प्राचीन चिकित्सा पद्धतियों को विशेष महत्व दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के नेतृत्व में ओडिशा सरकार राज्य में पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों, विशेष रूप से आयुर्वेद को और मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य में आयुर्वेदिक चिकित्सा महाविद्यालय, सरकारी आयुष अस्पताल और पंचकर्म केंद्र उपलब्ध हैं। इसके अलावा, राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत व्यापक स्वास्थ्य सेवाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।
Indo Asian Times A Hindi Digital News Portal
