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मुख्यमंत्री माझी की आईबीपीजी के साथ गोलमेज बैठक

  •     हल्दी, अदरक, समुद्री उत्पाद और खाद्य प्रसंस्करण के निर्यात पर जोर

  •     ओडिशा के कुशल पेशेवरों के लिए भी खुलेंगे अवसर

आबू धाबी/भुवनेश्वर। ओडिशा ने संयुक्त अरब अमीरात के साथ अपने व्यापारिक और आर्थिक संबंधों को नई ऊंचाई देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने बुधवार को आबू धाबी में इंडियन बिजनेस एंड प्रोफेशनल ग्रुप (आईबीपीजी) के साथ उच्चस्तरीय गोलमेज बैठक में भाग लिया। ओडिशा के निवेश संपर्क अभियान के तहत हुई इस बैठक में राज्य और यूएई के बीच व्यापार, निर्यात, वस्तुओं के आदान-प्रदान और औद्योगिक सहयोग को व्यापक बनाने पर मंथन हुआ।

बैठक में मुख्यमंत्री माझी ने यूएई के कारोबारियों और पेशेवरों के सामने ओडिशा की उत्पादन क्षमता और निर्यात संभावनाओं को रखा। खास तौर पर हल्दी, अदरक, समुद्री उत्पाद, खाद्य प्रसंस्करण और अनुबंध विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई। इसके अलावा यूएई के प्रमुख ब्रांडों के लिए ओडिशा में अनुबंध आधारित उत्पादन करने की संभावनाओं को भी सामने रखा गया।

यूएई के बाजार में ओडिशा के उत्पादों की पहुंच बढ़ाने की तैयारी

बैठक का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य ओडिशा में उत्पादित वस्तुओं को यूएई के बड़े बाजार तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाना रहा। राज्य सरकार की कोशिश है कि कृषि और समुद्री क्षेत्र के उत्पादों के साथ-साथ खाद्य प्रसंस्करण के माध्यम से तैयार उत्पादों का निर्यात बढ़ाया जाए।

हल्दी और अदरक जैसे कृषि उत्पादों के अलावा ओडिशा के समुद्री उत्पादों को भी खाड़ी बाजार में बेहतर अवसर दिलाने पर जोर दिया गया। इसके लिए उत्पादन, प्रसंस्करण, गुणवत्ता, पैकेजिंग और निर्यात से जुड़ी पूरी मूल्य श्रृंखला को मजबूत करने की संभावनाओं पर चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री ने इस दौरान ओडिशा को केवल कच्चे माल के आपूर्तिकर्ता के बजाय मूल्यवर्धित उत्पादों के निर्माण और निर्यात के केंद्र के रूप में विकसित करने की सरकार की सोच को भी सामने रखा।

यूएई के बड़े ब्रांडों के लिए ओडिशा में उत्पादन

बैठक में अनुबंध विनिर्माण को एक महत्वपूर्ण अवसर के रूप में रेखांकित किया गया। इसके तहत यूएई के प्रमुख ब्रांड अपने उत्पादों का निर्माण ओडिशा स्थित कंपनियों के माध्यम से करा सकते हैं। इससे राज्य के स्थानीय उद्योगों को नए बाजार, तकनीक और कारोबारी साझेदारियां मिलने के साथ उत्पादन और रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं।

सरकार की कोशिश है कि यूएई के कारोबारियों को ओडिशा के औद्योगिक आधार से जोड़ा जाए और दोनों पक्षों के बीच सीधे कारोबारी संबंध विकसित किए जाएं।

ओडिशा के कुशल पेशेवरों के लिए भी अवसर

बैठक में केवल वस्तुओं और निवेश पर ही चर्चा नहीं हुई, बल्कि ओडिशा के अत्यधिक कुशल पेशेवरों को यूएई में अवसर उपलब्ध कराने की संभावनाओं पर भी विचार किया गया।

ओडिशा में उपलब्ध तकनीकी और पेशेवर मानव संसाधन को यूएई की जरूरतों से जोड़ने की दिशा में सहयोग तलाशा जा रहा है। इससे राज्य के प्रशिक्षित और कुशल युवाओं को अंतरराष्ट्रीय रोजगार बाजार में नए अवसर मिलने की संभावना है।

यूएई में मौजूद ओडिशा की कंपनियों की भागीदारी

बैठक में यूएई में पहले से कारोबार कर रही ओडिशा की कंपनियों रुचि और फार्म बी, बी-वन के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। इन कंपनियों की यूएई में मौजूदगी को ओडिशा और खाड़ी बाजार के बीच कारोबारी संपर्क मजबूत करने के संभावित माध्यम के रूप में देखा जा रहा है।

बैठक में आईबीपीजी के अध्यक्ष राजीव शाह भी मौजूद रहे। भारतीय कारोबारी और पेशेवर समुदाय के साथ इस संवाद से ओडिशा को यूएई में मौजूद व्यापक भारतीय कारोबारी नेटवर्क तक पहुंच बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

निवेश से आगे व्यापार और निर्यात पर रणनीति

मुख्यमंत्री माझी के यूएई दौरे की खास बात यह है कि सरकार निवेश आकर्षित करने के साथ-साथ व्यापार और निर्यात को भी अभियान का प्रमुख आधार बना रही है। इसका उद्देश्य यूएई से निवेश लाने के साथ ओडिशा के उत्पादों के लिए बाजार तैयार करना और दोनों पक्षों के बीच स्थायी कारोबारी संबंध विकसित करना है।

ओडिशा के लिए यह रणनीति इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यूएई केवल एक बड़ा उपभोक्ता बाजार नहीं, बल्कि पश्चिम एशिया और अन्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच का महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्र है। यदि ओडिशा के कृषि, समुद्री और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों को यहां मजबूत बाजार मिलता है, तो इसका सीधा लाभ राज्य के किसानों, मछुआरों, प्रसंस्करण इकाइयों और निर्यातकों तक पहुंच सकता है।

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