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अनुगोल जिले में स्क्रब टाइफस के चार मामले मिले

  •     विमसार में स्क्रब टाइफस से संक्रमित एक मरीज की उपचार के दौरान मौत

  •     स्वास्थ्य विभाग ने बढ़ाई निगरानी

  •     15 दिनों तक गांव में नियमित पहुंचेगी स्वास्थ्य टीम

अनुगोल/संबलपुर। ओडिशा के अनुगोल जिले के खमार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के अंतर्गत आने वाले सनाबगड़ारी गांव में स्क्रब टाइफस के चार मामलों की पुष्टि हुई है। मामलों की पुष्टि के बाद स्वास्थ्य विभाग ने गांव में निगरानी बढ़ा दी है और बीमारी की रोकथाम के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

संदिग्ध मरीजों के रक्त के नमूने लिये गए

स्वास्थ्य विभाग ने संदिग्ध मरीजों के रक्त के नमूने जांच के लिए एकत्र किए हैं। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग की एक टीम अगले 15 दिनों तक नियमित रूप से गांव का दौरा करेगी। टीम मरीजों को आवश्यक उपचार उपलब्ध कराने के साथ-साथ ग्रामीणों को बीमारी के लक्षणों और बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करेगी।

सूक्ष्म कीड़ों से फैलता है संक्रमण

स्क्रब टाइफस एक संक्रामक बीमारी है, जो घास और झाड़ियों वाले क्षेत्रों में पाए जाने वाले बेहद छोटे कीट जैसे जीवों के काटने से फैलती है। इसके प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द और शरीर में दर्द शामिल हैं। समय पर पहचान और उपचार नहीं मिलने पर यह बीमारी गंभीर रूप ले सकती है।

अनुगोल के मुख्य जिला चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य अधिकारी (सीडीएमओ) डॉ मदन मोहन प्रधान ने मामलों की पुष्टि करते हुए कहा कि स्क्रब टाइफस कोई नई बीमारी नहीं है। उन्होंने बताया कि इसके लक्षण कई बार मलेरिया से मिलते-जुलते होने के कारण बीमारी को मलेरिया समझ लिया जाता है। हालांकि, अब जांच किट उपलब्ध होने से स्क्रब टाइफस की अधिक सटीक पहचान संभव हो गई है।

विधायक ने तत्काल कार्रवाई की मांग की

स्थानीय विधायक अशोक मोहंती ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता जताई। उन्होंने कहा कि कीट के काटने से होने वाला बुखार खतरनाक हो सकता है और समय पर उपचार नहीं मिलने पर गंभीर जटिलताएं पैदा कर सकता है।

उन्होंने बताया कि प्रशासन के साथ चर्चा के बाद प्रभावित गांव में जांच और निगरानी के लिए स्वास्थ्यकर्मियों तथा विशेषज्ञों को भेजने की व्यवस्था की गई है।

ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह

स्वास्थ्य विभाग की ओर से ग्रामीणों के बीच बचाव की दवाएं वितरित की जा रही हैं। लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है, हालांकि प्रशासन ने ग्रामीणों से घबराने की बजाय बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करने को कहा है।

बुर्ला में स्क्रब टाइफस संक्रमित मरीज की मौत

इसी बीच बुर्ला स्थित वीर सुरेंद्र साय आयुर्विज्ञान एवं अनुसंधान संस्थान (विमसार) में स्क्रब टाइफस से संक्रमित एक मरीज की उपचार के दौरान मौत हो गई। बताया गया है कि मरीज को पहले से ही गुर्दे से संबंधित समस्या सहित अन्य बीमारियां भी थीं। अधिकारियों द्वारा यह पता लगाया जा रहा है कि मरीज की मौत सीधे तौर पर स्क्रब टाइफस के कारण हुई या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं ने भी इसमें भूमिका निभाई।

प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि प्रभावित गांव में बीमारी के प्रसार को नियंत्रित करने और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक सभी कदम उठाए जा रहे हैं।

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