काठमांडू। नेपाल में पिछले वर्ष हुए जेन-जी आंदोलन की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग करते हुए गुरुवार को प्रधानमंत्री तथा मंत्रिपरिषद् कार्यालय में ज्ञापन दिया गया है। जेन-जी प्रतिनिधियों ने 6 मार्च तक जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की है।
जेन-जी प्रतिनिधि अमृता बन ने बताया कि गौरी बहादुर कार्की के नेतृत्व वाले जांच आयोग की रिपोर्ट 6 मार्च तक सार्वजनिक करने की मांग करते हुए आज हमने प्रधानमंत्री कार्यालय में चेतावनीपूर्ण निवेदन दर्ज कराया है। न्याय की सुनिश्चितता, दंडहीनता का अंत और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए हमारी आवाज निरंतर जारी रहेगी। उनके साथ अमृता बन, पेमा वाङ्बो लामा, माजिद अंसारी, जय गुप्ता और अमित खनाल भी सिंहदरबार पहुंचे थे।
इसके बाद नेपाल जेन जी फ्रंट, जेन जी मूवमेंट अलाइंस, काउंसिल ऑफ जेन जी और जेन जी सिविक फोरम ने संयुक्त बयान में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई प्रक्रिया आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया है। जेन-जी समूहों ने कहा कि अंतरिम सरकार से उनकी अपेक्षा है कि वह केवल चुनाव ही नहीं कराएगी, बल्कि गत वर्ष 8-9 सितंबर को हुए घटनाओं की निष्पक्ष जांच कर आयोग की प्रतिवेदन सार्वजनिक करेगी और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाएगी।
साभार – हिस
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