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ईंधन और अन्य आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों के खिलाफ वाम दलों ने ठोंकी ताल
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ओडिशा की जनता से सरकार पर दबाव बनाने के लिए सहयोग की अपील
भुवनेश्वर. ईंधन और अन्य आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों के खिलाफ वाम दलों ने 15 जुलाई बुधवार को छह घंटा व्यापी ओडिशा बंद का आह्वान किया है. वाम दलों ने ईंधन और अन्य आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों के लिए केंद्र सरकार और राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया है.
सीपीआई के राज्य सचिव आशीष कानूनगो ने यहां एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा कि केंद्र सरकार ईंधन और आवश्यक वस्तुओं की कीमतें बढ़ाकर आम लोगों की जेब काटने की साजिश रच रही है. कोविद ने आम लोगों की रोजी-रोटी छीन ली है. अब महंगाई ने उनके जीवन पर गहरा असर डाला है. हम सरकार द्वारा इस तरह के अमानवीय कृत्य की कड़ी निंदा करते हैं. उन्होंने कहा कि मूल्य वृद्धि के विरोध में सीपीआई, सीपीआई (एम), फॉरवर्ड ब्लॉक, सीपीआई-एम लिबरेशन सहित वाम दलों ने 15 जुलाई को राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया है. विरोध सुबह 6 बजे से शुरू होगा और दोपहर 12 बजे तक जारी रहेगा. इस अवधि के दौरान वाहनों की आवागमन नहीं होगी तथा अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी बंद रहेंगे. वाम दलों ने ओडिशा के लोगों से सरकार पर दबाव बनाने के लिए बंद को समर्थन देने की अपील की है.
उन्होंने कहा कि हम केंद्र और राज्य सरकारों से पेट्रोल और डीजल पर कर हटाने और आवश्यक वस्तुओं की कीमतों को कम करने की मांग करते हैं. कालाबाजारी करने वालों और अवैध जमाखोरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए. कानूनगो ने कहा कि आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि और कोविद के हालात को देखते हुए सरकार को राज्य में प्रति परिवार 10 किलो चावल या गेहूं उपलब्ध कराना चाहिए.
गौरतलब है कि ओडिशा में कांग्रेस पार्टी ने भी आज से ईंधन और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी के खिलाफ राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन शुरू किया है. कांग्रेस का प्रदर्शन 17 जुलाई तक चलेगा.
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