भुवनेश्वर. ओडिशा में फरवरी-2022 में होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में देरी होने की संभावना है. बताया गया है कि राज्य सरकार द्वारा वार्ड परिसीमन और आरक्षण कार्यों को पूरा करने में अत्यधिक रुकावट आयी है.
राज्य चुनाव आयोग के सचिव ने कहा कि हमने राज्य सरकार को कई बार पत्र लिखकर ग्रामीण चुनाव के लिए परिसीमन और आरक्षण प्रक्रिया को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पूरा करने के लिए कहा है, लेकिन सरकार ने इस बार चुनाव में देरी की आशंका जताते हुए अभी तक काम शुरू नहीं किया है.
उन्होंने कहा कि आयोग दो महत्वपूर्ण कार्यों के पूरा होने के बाद चुनाव के लिए आधार तैयार करेगा.
उन्होंने कहा कि राज्यभर के सभी ग्रामीण निकायों में निर्वाचित प्रतिनिधियों का कार्यकाल 10 मार्च, 2022 को समाप्त होगा. इसलिए चुनाव से पहले परिसीमन और आरक्षण का काम पूरा हो जाना चाहिए.
रिपोर्ट्स के मुताबिक आयोग ने औपचारिकताएं पूरी करने के लिए सरकार को तीन बार पत्र लिखा था.
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार, राज्य को पंचायत चुनावों में सीटों का 50 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करना चाहिए. पिछली बार ग्रामीण चुनावों के दौरान सीटों का आरक्षण 50 प्रतिशत से अधिक था, जो शीर्ष अदालत के आदेश का घोर उल्लंघन था.
शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी) के चुनाव उसी मुद्दे के कारण नहीं कराए जा सके, क्योंकि राज्य शीर्ष अदालत के आदेश के पालन में सीटों के आरक्षण को अंतिम रूप नहीं दे सका.
आयोग ने जनवरी 2021 में राज्य सरकार को दो पत्र लिखकर परिसीमन और आरक्षण प्रक्रिया को पूरा करने का निर्देश दिया था और एक रिपोर्ट प्रस्तुत की थी. चुनाव आयोग ने मार्च में फिर से रिमाइंडर भेजा था. हालांकि, राज्य ने अभी तक इसको अंजाम नहीं दिया है. हालांकि सरकार ने अभी तक देरी के कारण के बारे में स्पष्ट नहीं किया है, लेकिन माना जाता है कि वर्तमान में कोरोना महामारी गतिविधियों को पूरा करने के रास्ते में आ गई है. राज्य में लंबे समय से लाकडाउन चल रहा है.
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