भुवनेश्वर. लोकप्रिय पार्श्व गायक टप्पू मिश्र का एक निजी अस्पताल में निधन हो गया. टप्पू का कोरोना का इलाज चल रहा था. उनके फेफड़े गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गए थे. उसका परिवार डॉक्टरों की सलाह पर उसे उन्नत इलाज के लिए कोलकाता या चेन्नई में स्थानांतरित करने की योजना बना रहा था और परिवार ने लोगों और सरकार से मदद की अपील की थी. संस्कृति विभाग ने उनके इलाज के लिए कलाकार कल्याण कोष से एक लाख रुपये मंजूर किया था.
टप्पू को कोरोना पाजिटिव पाये जाने के बाद घर में संगरोध में रखा गया था. 19 मई को उनकी हालत बिगड़ने पर उन्हें निजी अस्पताल ले जाया गया. उन्हें आईसीयू में भर्ती कराया गया. बाद में उसे आईसीयू से वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया.
इसके बाद बुधवार शाम को तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें फिर से आईसीयू में शिफ्ट करना पड़ा था. इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ती गयी और कल उन्होंने अंतिम सांस ली.
जैसे ही उनकी असामयिक मृत्यु की खबर आई, हॉलीवुड में और उनके प्रशंसकों के बीच निराशा की लहर दौड़ गई. इनके पिता ने 10 मई को कोविद के कारण दम तोड़ दिया था.
36 वर्षीय इस गायिका ने 16 साल की उम्र में ओड़िया फिल्म ‘कुल नंदन’ से अपनी करियर शुरुआत की थी. वह अपनी सुरीली आवाज के लिए जानी जाती थीं और उन्होंने कई पुरस्कार जीते थे. ओलीवुड उद्योग के सूत्रों के अनुसार, उन्होंने 160 से अधिक ओड़िया फिल्मों, 22 बंगाली फिल्मों में अपनी आवाज दी थी और सैकड़ों भक्ति गीत गाए थे.
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