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– शरणकुल की कंगारु कोर्ट के शिकार लोगों के बारे में गलत जानकारी देने का आरो

भुवनेश्वर- नयागढ़ जिले के शरणकुल थाना क्षेत्र के खलिपाटना गांव में कंगारु कोर्ट द्वारा निर्देश के बाद 15 परिवार गांव के बाहर गत 13 सालों से रहने को मजबूर हैं, लेकिन इस संबंध में गृह राज्य मंत्री दिव्यशंकर मिश्र ने सदन में गलत जानकारी दी है। विधानसभा में गृह राज्य मंत्री ने गलत जानकारी देने के कारण उन्हें अपने पद से त्यागपत्र देना चाहिए। कांग्रेस के प्रदेश मीडिया सेल के अध्यक्ष सत्यप्रकाश नायक ने पार्टी कार्य़ालय में एक पत्रकार सम्मेलन में यह बात कही। उन्होंने बताया कि 2007 में कंगारु कोर्ट के फैसले के कारण 15 परिवार गांव से बाहर रहने के लिए मजबूर हैं। इन परिवारों ने गत 13 सालों से राज्य मानव अधिकार आयोग, हाईकोर्ट राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग आदि के पास गांव लौटने की व्यवस्था करने की मांग को लेकर गये थे। इन लोगों को गांव में पुनर्वास कराने के लिए निर्देश के बावजूद भी सरकार ने उन्हें गांव में फिर से बसाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने इस संबंध नयागढ़ के जिला पुलिस अधीक्षक को इस बारे में रिपोर्ट तलब किया है। उन्होंने कहा कि इस मामले में विधायक सत्यनारायण प्रधान के एक सवाल के उत्तर में विधानसभा में गृह राज्य मंत्री ने कहा है कि सारे परिवार अब गांव में रह रहे हैं। इन परिवारों में से दो परिवार के लोग निरुपमा जेना व सरस प्रधान इस संवाददाता सम्मेलन में उपस्थित थे। दोनों ने कहा कि वे आज भी गांव के बाहर रहने पर मजबूर हैं। गृह राज्य मंत्री ने सदन में झूठ बोला है। श्री नायक ने कहा कि सदन को भ्रमित करने वाले मंत्री दिव्यशंकर मिश्र को अपने पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। कांग्रेस उनसे त्यागपत्र की मांग कर रही है। इस पत्रकार सम्मेल में जिनेश दास. पद्माकर गुरु, दीपक महापात्र व नरेश महांति उपस्थित थे।
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