गोविंद राठी, बालेश्वर
चक्रवात यश को लेकर ओडिशा के विकास आयुक्त-सह-विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) प्रदीप कुमार जेना ने आज बालेश्वर का दौरा किया और अधिकारियों के साथ बैठक कर चक्रवात यश से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की. जिलाधिकारी कार्यालय से जेना ने बहनागा बीडीओ, तहसीलदार, प्रखंड शिक्षा अधिकारी, गोपालपुर के पुलिस कर्मियों और ग्रामीण पेयजल आपूर्ति एवं स्वच्छता (आरडब्ल्यूएसएस) के अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये बैठक की.
एसआरसी ने अधिकारियों को चक्रवात के लिए हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया, जिसके 26 मई (बुधवार) को ओडिशा तट से टकराने की संभावना है. इससे लोगों को बचाने के लिए फूस की झोपड़ियों, तटीय क्षेत्र में बने घरों और अस्थायी घरों में रहने वाले लोगों को 18 चक्रवात आश्रयों, 29 स्कूलों में पहुंचाने का निर्देश दिया है.
जिला प्रशासन ने बहनागा प्रखंड के इन इलाकों से कुल 8,540 लोगों को निकालने का लक्ष्य रखा है. यह सुनिश्चित करने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं कि बाहर निकाले गए लोगों में कोविद संक्रमण न फैले. इसके लिए चक्रवात आश्रयों में पर्याप्त मास्क और सेनिटाइजर का स्टॉक रखा गया है.
स्कूलों और आश्रयों को नियमित रूप से सेनिटाइज किया जा रहा है. बैठक में जिला प्रशासन ने एसआरसी को अवगत कराया कि चक्रवात आश्रयों में सूखा भोजन और पका हुआ भोजन की आपूर्ति के लिए विशेष व्यवस्था की गई है.
जरूरत के हिसाब से चक्रवात आश्रय गृहों के अलावा, सरकारी स्कूलों और भवनों का उपयोग किया जाएगा. बालेश्वर में ओड्राफ की चार टीमें, एनडीआरएफ की सात, अग्निशमन विभाग की नौ टीमें तैनात की गयी हैं. इसके अलावा मोबाइल कंपनी को इंटर टावर पोर्टेबिलिटी बनाने का निर्देश गया है. बिजली बहाली के लिए उच्च स्तरीय बिजली कर्मचारी तैनात किये गये हैं.
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