रायगड़ा. जिले के नियमगिरि पहाड़ियों में रहने वाले डोंगरिया कोंध के सदस्यों ने सोमवार को कोविद-19 की जांच कराने से इनकार कर दिया. विशेष रूप से अतिसंवेदनशील जनजातीय समूह (पीवीटीजी) ने एक चिकित्सा शिविर में जांच कराने की अपनी इच्छा जाहिर की. इस समूह के कुछ सदस्यों के बीच कोरोना के लक्षण पाये जाने के बाद इस शिविर का आयोजन किया गया था. सूत्रों ने बताया कि डोंगरिया कोंध जनजाति के कुल 19 लोग इस बीमारी से प्रभावित हैं.
नियमगिरि सुरक्षा मंच के अध्यक्ष सकाका उलाका ने कोरोना जांच में उनकी हिचकिचाहट के कारण को सही ठहराते हुए कहा कि कोविद-19 मौजूद नहीं है. हमें कुछ नहीं होगा, क्योंकि हम नियम राजा की पूजा करते हैं.
इस आदिवासी समुदाय के लिए नियामगिरि पहाड़ियों की तलहटी में परसाली में एक शिविर का आयोजन किया गया था, जहां कोरोना की जांच की जानी थी. सूत्रों ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर कोविद जांच कराने की अपील की. इसके बाद भी आदिवासी समुदाय ने उनका सहयोग नहीं किया.
कल्याणसिंहपुर के बीडीओ कालूचरण नायक ने कहा उन्हें समझाने के बावजूद कई लोग कोरोना जांच कराने को तैयार नहीं हैं. हमने समुदाय के प्रमुख से बात की है और परीक्षण के लिए और एक दौर की चर्चा होगी. हम कल फिर से नमूना संग्रह के लिए आएंगे.
उल्लेखनीय है कि रायगढ़ जिले में बीते 24 घंटे के दौरान 136 कोरोना पाजिटिव पाये गये हैं.
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