भुवनेश्वर. गृह विभाग की ओर से राज्य की कानून व्यवस्था के संबंध में श्वेत पत्र को विधायकों को देरी से उपलब्ध कराये जाने के कारण इस संबंध में कांग्रेस विधायक संतोष सिंह सलूजा ने विशेषाधिकार हनन की नोटिस लाए हैं.शून्यकाल में विधानसभा अध्यक्ष ने सलूजा को इस संबंध में बोलने के लिए कहा. सलूजा ने कहा कि गृह विभाग के बजट को पारित करने के लिए चर्चा से 24 घंटे से पूर्व विधायकों को श्वेत पत्र उपलब्ध कराया जाता है. इस कारण वे इसे पढ़ने के साथ-साथ इस पर चर्चा कर पाते हैं, लेकिन इस साल 26 मार्च को गृह विभाग के पर चर्चा होनी थी. इसलिए 24 घंटे पूर्व विधायकों को श्वेत पत्र उपलब्ध कराया जाना चाहिए था, लेकिन दुर्भाग्य यह है कि 26 जनवरी को सुबह 10:30 बजे तक उपलब्ध नहीं कराया गया. 11:30 बजे उपलब्ध कराया गया, वह भी केवल ओड़िया भाषा में, अंग्रेजी भाषा में भी उपलब्ध नहीं कराया गया. इससे पूर्व 22 मार्च को गृह विभाग पर चर्चा के लिए तारीख तय की गई थी, लेकिन कार्य सलाहकार समिति की बैठक में इसे बदलकर 26 मार्च करने का निर्णय किया गया. यह एक साजिश थी.इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष सूर्य नारायण पात्र ने संसदीय मामलों के मंत्री विक्रम केशरी आरुख को बोलने के लिए कहा. आरुख ने कहा कि 22 मार्च को गृह विभाग पर चर्चा होनी थी, लेकिन उस दिन राष्ट्रपति के ओडिशा आगमन के कारण इसे बदलकर 26 मार्च कर दिया गया. 26 मार्च को निर्धारित जल संसाधन विभाग पर चर्चा को 22 मार्च करा दिया गया. इसलिए इसमें किसी प्रकार की साजिश नहीं है.
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