भुवनेश्वर. केंद्र सरकार आशा साथियों को मासिक 5000 रुपये भत्ता को बढ़ाकर 6000 रुपये कर चुकी है, लेकिन राज्य सरकार उन्हें अभी भी 3000 रुपये की राशि दे रही है. ऐसा राज्य सरकार क्यों कर रही है, नेता प्रतिपक्ष प्रदीप्त नायक ने यह सवाल किया.
शून्यकाल में इस मुद्दे को उठाते हुए उन्होंने कहा कि 2018 से केंद्र सरकार ने आशा साथियों के भत्ते को मासिक 5000 से बढ़ाकर 6000 रुपये कर चुकी है, लेकिन दुर्भाग्य की बात यह है कि राज्य सरकार ने उन्हें अभी भी प्रतिमाह 3000 रुपये का भत्ता दे रही है. इसके कारण वे शोषण का शिकार हो रहे हैं. उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से मांग की कि वह राज्य सरकार से इसके लिए आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दें.
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