संबलपुर. मानव तस्करों के चंगुल में फंसकर मजबूरन देहव्यापार में नियोजित एक बालिका अंतत: संबलपुर अपने घर पहुंच गई है. जबकि अपहृत एक अन्य बालिका का अब भी कुछ पता नहीं चल पाया है. पीड़ित बालिका संबलपुर जिले चारमाल अंचल की रहनेवाली है. मिली जानकारी के अनुसार कुछ साल पहले पीडि़त 15 वर्षीय बालिका की माता का देहांत हो गया. इसके बाद वह अपने पिता के साथ गरीबी में दिन गुजार रही थी. एक साल पहले एक महिला उनके घर पहुंची. उसने बालिका को अच्छी नौकरी एवं पारिश्रमिक का भरोसा दिलाया और अपने साथ दिल्ली ले गई. इस दौरान उनके साथ धनुपाली इलाके की ओर एक और बालिका साथ थी.
संबलपुर पहुंची बालिका का कहना है कि दिल्ली पहुंचते ही उस महिला ने दोनों बालिकाओं को एक वेश्यालय में बेच दिया और फरार हो गई. जब काफी दिनों बाद भी दिल्ली गई बालिकाओं से परिवार को संपर्क नहीं हुआ तो उन्होंने पुलिस से संपर्क किया. संबलपुर पुलिस ने तत्काल दिल्ली पुलिस से संपर्क किया. अंतत: दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई आरंभ किया और उनमें से एक बालिका को रिहा कराया और वापस संबलपुर भेज दिया है. जबकि अन्य एक बालिका का अब भी कुछ सुराग नहीं मिल पाया है. धनुपाली पुलिस का कहना है कि उस बालिका को भी तलाशने का काम जारी है. बहुत जल्द उसे भी मुक्त करा लिया जाएगा.
यहां पर बताते चलें कि संबलपुर जिले में मानव-तस्करी की घटनाएं अब आम हो गईं हैं. कुछ लोग जिला के अंतरिम इलाकों में जाकर गरीब एवं असहाय परिवार को अच्छी नौकरी एवं पारिश्रमिक का भरोसा दे रहे हैं और उनकी भावनाओं से खेल रहे हैं. संबलपुर पुलिस यदि सिरे से मामले की जांच आरंभ करेगी तो कई चौंकानेवाला तथ्य सामने आएगा. शहर के सचेतन नागरिकों ने इस गिरोह के प्रति ठोस से ठोस कार्रवाई की मांग की है.
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