संबलपुर. अनुसूचित जाति के सामाजिक एवं आर्थिक विकास में गतिरोध पैदा कर रही है प्रदेश सरकार. मंगलवार की सुबह कचहरी रोड स्थित भाजपा कार्यालय में बुलाए गए प्रेस कांफ्रेंस में भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष विभु प्रसाद तराई ने यह उदगार व्यक्त किया. उपस्थित पत्रकारों से मुखातिब होते हुए तराई ने कहा कि प्रदेश में पिछले 21 सालों से अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के साथ सौतेला व्यवहार अख्तियार किया जा रहा है. अनूसूचित जाति के छात्र एवं छात्राओं के लिए नियुक्ति में 16 प्रतिशत एवं शिक्षा के क्षेत्र में 10 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था है. टेकनीकल कालेजों में अनूसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति के छात्र-छात्राओं के लिए क्रमश: 23 एवं 16 प्रतिशत आरक्ष्ण की व्यवस्था. विडंबना का विषय यह है कि प्रदेश सरकार 23 के बदले 12 एवं 16 के बदले 8 प्रतिशत आरक्षण दे रही है. इस आंकड़े से साफ है कि प्रदेश सरकार एक सोची समझी रणनीति के तहत अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति के अधिकार से खिलवाड़ कर रही है. ऐसा कर प्रदेश सरकार इस वर्ग के विकास में बाधा पैदा कर रही है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रशंसा करते हुए तराई ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में पिछले दिनों हुए एक उच्च स्तरीय बैठक में एक अहम फैसला लिया गया. इस फैसले के अनुसार अब देश के अनुसूचित जाति वर्ग के छात्र एवं छात्राएं यदि दसवीं की परीक्षा पास करते हैं तो उच्च शिक्षा के लिए उन्हें पांच गुणा अधिक छात्रवृति प्रदान किया जाएगा. अंत में श्री तराई ने प्रदेश सरकार से मांग की कि वे अनुसूचित जाति के विकास पर बाधा न पैदा करें, अन्यथा आनेवाले दिनों में सरकार को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा. प्रेस कांफे्रंस में श्री तराई के अलावा रेंगाली विधायक नाउरी नायक, जिला भाजपा अध्यक्ष गिरिश पटेल, मीडिया संयोजक मानस रंजन बख्शी एवं निलांबर सिकंदर समेत भाजपा के अनेकों पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित थे.
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