भुवनेश्वर. राज्य सरकार द्वारा सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र छात्राओं के लिए डॉक्टरी वह इंजीनियरिंग के क्षेत्र में आरक्षण देने के लिए कैबिनेट में संकल्प प्रस्ताव पारित किया है, लेकिन संवैधानिक व्यवस्था के बावजूद राज्य सरकार ओबीसी वर्ग आर्थिक दृष्टि से पिछड़े वर्ग लोगों को रोजगार और शिक्षा क्षेत्र में आरक्षण देने के लिए कदम अभी तक क्यों नहीं उठाया है. भारतीय जनता पार्टी के महासचिव लेखाश्री सामंत श्रीसिंहार ने एक संवाददाता सम्मेलन में राज्य सरकार से यह सवाल किया.
उल्लेखनीय है कि सोमवार देर शाम को मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की अध्यक्षता में राज्य कैविनेट की बैठक में सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को इंजीनियरिंग व मेडिकल कालेजों में दाखिले के लिए प्रस्ताव पारित किया था. श्रीमती लेखाश्री ने कहा कि मोदी सरकार ने आर्थिक दृष्टि से पिछड़े लोगों के लिए नौकरी वह शिक्षा के क्षेत्र में 10% आरक्षण की व्यवस्था के लिए कानून बनाया है, लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि राज्य सरकार ने इसे अभी तक कार्यन्वयन नहीं किया है. साथ ही ओबीसी वर्ग के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था है, लेकिन इसे भी राज्य सरकार ने लागू नहीं किया है. उन्होंने कहा कि यदि देखा जाए तो ओडिशा में सभी सरकारी स्कूलों में अधिकांश ओबीसी तथा आर्थिक दृष्टि से पिछड़े परिवार के लोग ही पढ़ते हैं. इन व्यवस्थाओं को लागू करने के लिए भाजपा द्वारा बार-बार मांग की जा चुकी है, लेकिन लेकिन राज्य सरकार ने इसे लागू नहीं किया है. उन्होंने कहा कि देश के अन्य राज्यों में ओबीसी के लिए 27% आरक्षण तथा आर्थिक दृष्टि से पिछड़े वर्ग के लिए 10% आरक्षण लागू कर चुके हैं. ऐसे में भारतीय जनता पार्टी नवीन पटनायक से सवाल करती है कि वर्गों के लिए आरक्षण की व्यवस्था क्यों नहीं कर रही है.
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