
नवरंगपुर. ओडिशा में एक बार फि कंगारू कोर्ट लगाने का एक ताजा मामला प्रकाश में आया है. यह अदालत एक व्यक्ति के खिलाफ लगायी गयी थी, जिसने लव मैरिज किया था. जानकारी के अनुसार, इस अदालत के फैसले के कारण इस व्यक्ति को अपनी अंतरजातीय विवाह के लिए भारी कीमत चुकानी पड़ रही है. बताया जाता है कि जिले के रायगढ़ ब्लॉक के अंतर्गत खडंगा गाँव का प्रताप कलार न केवल भारी रकम चुका रहा है, अपितु कंगारू अदालत के फैसले के बाद वह अपनी कानूनी रूप से पत्नी से भी अलग हो गया है. सूत्रों के अनुसार, प्रताप को अपने गाँव की एक महिला से प्यार हो गया और दोनों ने शादी करने का फैसला किया. इस बारे में किसी को भी जानकारी दिए बिना दंपति ने पड़ोसी छत्तीसगढ़ के कोंडागांव में कोर्ट मैरिज किया और फिर बाद में एक मंदिर में शादी की. उनके गाँव लौटने और उनकी शादी की खबर फैलने के बाद गाँव में कोहराम मच गया.
नवविवाहित महिला के परिवार के सदस्यों ने प्रताप को घर के अंदर आने पर रोक लगा दी, उसे धमकी दी और उसे वापस अपने घर ले जाये. इसके बाद प्रताप ने रायघर पुलिस का दरवाजा खटखटाया, जहां दोनों पक्षों को एक समझौते के लिए बुलाया गया और वापस भेज दिया गया.
अगले दो महीनों तक युगल के लिए सब ठीक था. इसके बाद हतभारंडी में एक कंगारू अदालत लगायी गयी और कथित तौर पर एक आदेश जारी किया कि शादी को रद्द कर दिया जाए. इस अदालत ने प्रताप पर जुर्माना लगाया. उसे अंतर-जातीय विवाह के परिणामस्वरूप इंसेंटिव के रूप में मिले 50,000 रुपये में से कंगारू अदालत में जुर्माने के रूप में 32000 रुपये देने पड़े. यही नहीं, उस जोड़े को उसके बाद साथ रहने की अनुमति नहीं दी गयी. प्रताप तब से एक अकेले ही रह रहा है और न्याय की मांग कर रहा है. मीडिया में चल रही खबरों में रायगढ़ पुलिस स्टेशन के आईआईसी अभय बेहरा ने कहा है कि अभी तक इस संबंध में कोई शिकायत दर्ज नहीं की गई है. बेहरा ने कहा कि अगर कोई शिकायत पुलिस में दर्ज की जाती है, तो आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.
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