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कोरोना महामारी के बावजूद लोगों में दिखा खुशी
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राज्य सरकार के दिशा निर्देश का छठ व्रतियों ने किया पालन

कटक. आस्था एवं विश्वास का महापर्व छठ पूजा सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ संपन्न हुआ. चार दिवसीय छठ पूजा 18 नवंबर से शुरू होकर 21 नवंबर को सूर्य भगवान को अर्घ्य देकर संपन्न हुआ. उत्तर भारतीयों का यह पर्व खासकर नदी या तालाब किनारे मनाया जाता है, लेकिन इस वर्ष कोरोना महामारी को देखते हुए राज्य सरकार ने नदी किनारे छठ पूजा करने पर पाबंदी लगा दी थी, जिसका बिहारी समाज के लोगों ने पालन करते हुए अपने-अपने घरों की छत पर पूजा का आयोजन किया. पूजा का आयोजन जिस प्रकार नदी किनारे किया जाता है उसी प्रकार सारे नियमों को मानते हुए घर पर उसी प्रकार पूजा का आयोजन किया गया. आस्था का महापर्व बड़े हर्षोल्लास एवं उमंग के साथ छठ व्रतियों ने 36 घंटा निर्जला रहकर किया. तत्पश्चात उगते सूरज को अर्घ्य देने के बाद प्रसाद ग्रहण कर पारण किया. कटक महानगर छठ पूजा समिति के अध्यक्ष शैलेश कुमार वर्मा ने सभी छठ व्रतियों से अनुरोध किया था कि अपने अपने परिवार की सुरक्षा को देखते हुए अपने-अपने घरों में ही छठ पूजा का आयोजन करें जिसका समाज ने पालन किया.
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