
भुवनेश्वर. वर्तमान कोविद-19 महामारी की स्थिति के मद्देनजर ओडिशा विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान कोई प्रश्नकाल नहीं होगा. शीतकालीन सत्र 20 नवंबर से शुरू हो रहा है. यह जानकारी बुधवार को विधानसभा अध्यक्ष सूर्य नारायण पात्र ने दी. शीतकालीन सत्र से पहले इस संबंध में एक निर्णय आज बुलाई गई एक सर्वदलीय बैठक के दौरान लिया गया. इस बैठक की अध्यक्षता सदन के अध्यक्ष ने की. बैठक में भाग लेने वालों में संसदीय कार्य मंत्री बिक्रम केशरी अरुख, नेता प्रतिपक्ष प्रदीप नाइक, कांग्रेस विधायक दल के नेता नरसिंह मिश्रा और सरकार के मुख्य सचेतक प्रमिला मल्लिक शामिल थे. जानकारी के अनुसार, सदन रोजाना साढ़े चार घंटे काम करेगा और अनुपूरक बजट 20 नवंबर को पेश किया जाएगा. विधायकों के बैठने की व्यवस्था को अंतिम रूप दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि सदन की कार्यवाही की शुरुआत में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष शरत कर और अन्य कोविद योद्धाओं के प्रति संवेदना की पेशकश की जाएगी. प्रश्नकाल नहीं होगा. यदि वरिष्ठ विधायक सत्र के दौरान भाग लेना चाहते हैं, तो वे ऑनलाइन शामिल हो सकते हैं. इस बीच, सदन के शीतकालीन सत्र के दौरान प्रश्नकाल नहीं होने के फैसले पर विपक्षी दलों ने आक्रोश व्यक्त किया है. विपक्ष के नेता प्रदीप नाइक ने इस कदम पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि सदन रोजाना साढ़े चार घंटे काम करेगा. यदि प्रश्नकाल के लिए अतिरिक्त एक घंटा दिया जाता है, तो क्या इससे वायरस फैलेगा?
कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता नरसिंह मिश्रा ने कहा कि हमने विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान प्रश्नकाल को छोड़ने के कदम का कड़ा विरोध किया है. यह कदम असंवैधानिक और अवैध है.
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