
भुवनेश्वर. 2014 में केंद्र में भाजपा सत्तासीन होने के बाद ओडिशा को लगातार आर्थिक नुकसान हो रहा है. राज्य को इस दौरान जीएसटी, लौह अयस्क की रायलटी में बढ़ोत्तरी न होने व अन्य कारणरों से बीते 6 सालों में 72000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित एक पत्रकार सम्मेलन में पार्टी के वरिष्ठ नेता तथा पूर्व वित्त मंत्री पंचानन कानूनगो ने यह आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी सत्तारूढ़ होने के बाद ओडिशा के साथ लगातार अन्याय हो रहा है, लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि राज्य में सत्तारूढ़ बीजू जनता दल की सरकार वह उसके मुखिया नवीन पटनायक इसके खिलाफ एक शब्द भी नहीं बोल रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों मिलकर ओडिशा के राजकोष को नुकसान कर रहे हैं. कानूनगो ने कहा कि नवीन पटनायक ने आज तक मोदी सरकार के सभी प्रकार के जनविरोधी कदमों का स्वागत किया है. चाहे वह विमुद्रीकरण हो या फिर जीएसटी किसानों से संबंधित कानून या कोयला ब्लाक आवंटन से संबंधित कानून सभी मामलों में नवीन पटनायक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हैं. उन्होंने कहा कि आलू प्याज जैसे अत्यावश्यक चीजों के दाम जहां आसमान छू रहे हैं, वहीं पेट्रोल-डीजल जैसी चीजों के दाम भी लगातार बढ़ रहे हैं. इसके बाद भी दोनों सरकारें चुप हैं. कानूनगो ने कहा कि ओडिशा के पिछड़ा इलाका केबीके जिलों के लिए चलायी जा रही योजना को मोदी सरकार ने बंद कर दिया है. राज्य का राज्य को मिलने वाली मिट्टी के तेल के कोटे को कम कर दिया है, लेकिन नवीन पटनायक इस मामले में भी चुप हैं. उन्होंने कहा कि दोनों मिलकर ओडिशा के जनता को नुकसान पहुंचा रहे हैं. कानूनगो ने कहा कि जीएसटी के बाबत ओडिशा को 2019 के लिए मिलने वाली 800 करोड़ रूपये को केंद्र सरकार ने नहीं दिया है. इसके अलावा 2020 – 21 में अप्रैल से जुलाई तक राज्य को जीएसटी के बाबत 36 400 करोड़ रुपए मिलना था, लेकिन नवीन पटनायक इस राशि को लेने के लिए किसी प्रकार की मांग नहीं कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि 6 सालों में लौह अयस्क की रॉयल्टी में बढ़ोतरी ना होने के कारण उड़ीसा को लगभग 4000 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है.
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