
भुवनेश्वर. प्रख्यात ओड़िया फिल्म निर्देशक और जयदेव सम्मान प्राप्त करने वाले राजू मिश्र अब और नहीं रहे. जटनी स्थित घर में दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया है. वह 72 वर्ष के थे. मिश्र की पत्नी ने बताया कि आज दोपहर हृदय गति रुकने से उनकी मृत्यु हो गई. ओड़िया फिल्म उद्योग में उनके योगदानों को देखते हुए मिश्र को पिछले महीने प्रतिष्ठित गुरु केलुचरण महापात्र पुरस्कार 2020 प्रदान किया गया था. इसके अलावा मिश्र ने कई पुरस्कार भी जीते हैं, जिसमें जयदेव सम्मान शामिल है. मिश्र ने कई ब्लॉकबस्टर फिल्म बनाए, जिनमें ‘चका अखी सब देखुची’, ‘असुची मो कालिया सुन’, ‘पूरा मोरा काला ठाकुर’, ‘जोर जार मुलक तारे,’ सागर गंगा, ‘रूपा गान र सूनअ कनिया’ और ‘सत मिचा’ शामिल हैं. मिश्र ने सात असमिया फिल्मों में भी निर्देशन किया है. वह फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया, पुणे के छात्र थे. इससे पहले मिश्र के दिल की सर्जरी हो चुकी थी. वह एक बहु-प्रतिभाशाली व्यक्तित्व थे. वे एक सक्षम निर्देशक के अलावा एक बहुत अच्छे छायाकार, संगीत संगीतकार, गीतकार, संवाद और पटकथा लेखक भी थे. ओड़िया हिट फिल्म ‘उल्का’ उनकी पहली फिल्म थी.
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