भुवनेश्वर. ओडिशा सरकार का ओडिशा विश्वविद्यालय कानून संशोधन अधिनियम-1989 व रावेंशा विश्वविद्यालय कानून-2005 को वापस लेने का निर्णय का भारतीय जनता पार्टी ने विरोध किया है. पार्टी ने कहा कि राज्य सरकार इन निर्णयों के जरिए शिक्षा की स्वायत्तता को संकुचित करने का प्रयास कर रही है. इससे कुलपतियों की गरिमा व शिक्षा की स्वायत्तता पर प्रतिकूल असर पड़ेगा. भाजपा के प्रदेश महामंत्री डा लेखाश्री सामंतसिंहार व पृथ्वीराज हरिचंदन ने पार्टी कार्यालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि राज्य सरकार का निर्णय से उच्च शिक्षा ब्यूरोक्रैंट्स के अधीन हो जाएगी. इससे शिक्षा के क्षेत्र में राजनीतिकरण बढ़ेगा. उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों में शिक्षक नियुक्ति का अधिकार विश्वविद्यालयों के पास होना चाहिए, लेकिन राज्य सरकार के इस निर्णय से उनका यह अधिकार संकुचित होगा. सरकारी अधिकारियों के हस्तक्षेप बढ़ेगा. राज्य सरकार के इस निर्णय से अब विश्वविद्यालयों के शिक्षकों की नियुक्ति ओडिशा लोकसेवा आयोग द्वारा होगी. यह विश्वविद्यालयों के स्वायत्तता पर हमला है. इस कारण भाजपा राज्य सरकार के इस निर्णय का विरोध करेगी. पत्रकार सम्मेलन में पार्टी के प्रवक्ता डा जतीन मोहंती भी उपस्थित थे.
Indo Asian Times A Hindi Digital News Portal
