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सात दिनों के भीतर अपना जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश
पुरी। श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन ने 28 फरवरी को पुरी स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में अनुष्ठानों में हुई देरी के मामले में तीन सेवायतों को कारण बताओ नोटिस जारी की है।
मंदिर प्रशासन के मुख्य प्रशासक डॉ अरविंद कुमार पाढ़ी ने रामकृष्ण खुंटिया, माधव खुंटिया और मधुसूदन खुंटिया को नोटिस जारी करते हुए कथित अनुशासनहीनता पर स्पष्टीकरण मांगा है। इन सेवायतों पर आरोप है कि उन्होंने निर्धारित अनुष्ठानों के संचालन में अन्य सेवायतों को बाधित किया और उस दिन मंदिर अधिकारियों के साथ दुर्व्यवहार भी किया। मंदिर प्रशासन ने तीनों सेवायतों को सात दिनों के भीतर अपना जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्य प्रशासक ने कहा कि मंदिर के अधिकांश सेवायत अपने कर्तव्यों का ईमानदारी और अनुशासन के साथ पालन करते हैं, लेकिन कुछ लोग व्यवस्था में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि मंदिर परिसर में अनुशासनहीनता किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि 28 फरवरी को वीआईपी श्रद्धालुओं को दी जाने वाली विशेष सुविधाओं को लेकर हुए विवाद के कारण भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के अनुष्ठान कई घंटों तक विलंबित हो गए थे।
इस व्यवधान के कारण श्रद्धालुओं को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। कई भक्तों को महाप्रसाद प्राप्त करने के लिए चार घंटे से अधिक समय तक इंतजार करना पड़ा, जिससे उस दिन मंदिर में मौजूद तीर्थयात्रियों के बीच व्यापक असंतोष देखा गया।
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