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12 घंटे बाद भी धधकती रही लपटें
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40 दमकल गाड़ियां और यांत्रिक यंत्र तैनात
भुवनेश्वर। लिंगिपुर क्षेत्र स्थित एक सुपर बाजार में सोमवार देर रात लगी भीषण आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। रात लगभग साढ़े दस बजे शुरू हुई यह आग 12 घंटे बाद भी पूरी तरह नियंत्रित नहीं हो सकी। इस अग्निकांड में लाखों रुपये की संपत्ति जलकर नष्ट हो गई।
बताया जा रहा है कि बहुमंजिला भवन की तीसरी मंजिल से आग की शुरुआत हुई और भीतर रखी अत्यधिक ज्वलनशील सामग्री के कारण लपटें तेजी से फैल गईं।
घना धुआं और प्लास्टिक सामग्री बनी बड़ी चुनौती
आग पर काबू पाने के लिए सोमवार रात से खबर लिखे जाने तक 40 से अधिक दमकल गाड़ियां तैनात की गई थीं। अधिकारियों के अनुसार, सुपर बाजार में बड़ी मात्रा में प्लास्टिक सामग्री भंडारित होने से आग की तीव्रता काफी अधिक रही थीं, जिससे बुझाने में कठिनाई हुई। घने धुएं और बार-बार भड़कती लपटों के कारण दमकल कर्मियों को भवन की दीवारों के कुछ हिस्सों को तोड़कर भीतर प्रवेश करना पड़ा। भवन की बंद संरचना और घरेलू प्लास्टिक सामान के बड़े भंडार ने आग को और भड़काया।
यांत्रिक अग्निशमन यंत्र की भी ली गई मदद
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एक उन्नत यांत्रिक अग्निशमन यंत्र को भी भवन के भीतर भेजा गया। इस उपकरण के माध्यम से अंदर से आग बुझाने का प्रयास किया गया, लेकिन अत्यधिक तापमान और घने धुएं के कारण आग पूरी तरह नियंत्रित नहीं हो सकी।
प्लास्टिक, इस्पात के बर्तन और अन्य घरेलू सामान जलकर राख हो गए। दमकल विभाग के सूत्रों ने बताया कि प्लास्टिक सामग्री की अधिकता के कारण आग लंबे समय तक सुलगती रही।
फोम मिश्रण से बुझाई जा रही आग
दमकल महानिदेशक सुधांशु षाड़ंगी ने बताया कि यह चार मंजिला भवन है। पहली तीन मंजिलों की आग पर काबू पा लिया गया है, जबकि चौथी मंजिल पर अभियान जारी है।
उन्होंने कहा कि चौथी मंजिल पर रबर और प्लास्टिक जैसी अत्यधिक ज्वलनशील सामग्री होने के कारण पानी से आग बुझाना कठिन हो रहा है, इसलिए फोम मिश्रण का उपयोग किया जा रहा है। पूरी तरह आग बुझाने में अभी कुछ घंटे और लग सकते हैं।
कारणों की जांच जारी
आग लगने के सटीक कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है, हालांकि प्रारंभिक आशंका विद्युत शॉर्ट सर्किट की जताई जा रही है। प्रशासन ने घटना की जांच शुरू कर दी है। अब तक किसी जनहानि की सूचना नहीं है। दमकल दल आग को पूरी तरह बुझाने और भवन को और अधिक क्षति से बचाने के प्रयास में जुटा है।
एकमात्र प्रवेश मार्ग से बढ़ी कठिनाई
स्थानीय निवासियों के अनुसार, लगभग 7 हजार वर्ग फीट क्षेत्र में फैले इस बाजार में केवल एक ही प्रवेश मार्ग है, जिससे राहत और बचाव कार्य में कठिनाई आ रही है।
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