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प्रधानमंत्री ने नवाचार आधारित खेती मॉडल को बताया प्रेरणादायक
भुवनेश्वर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ के 131वें एपिसोड में ओडिशा के युवा किसान हीरोद पटेल की सराहना करते हुए उनके प्रयासों को परिवर्तनकारी और प्रेरणादायक बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि हीरोद की सोच और प्रयोगधर्मी खेती यह दर्शाती है कि नई दृष्टि अपनाकर कृषि क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में बताया कि लगभग आठ वर्ष पहले तक हीरोद अपने पिता शिव शंकर पटेल के साथ पारंपरिक तरीके से धान की खेती करते थे, लेकिन समय के साथ उन्होंने खेती को नए नजरिए से देखना शुरू किया, जिससे उन्हें उल्लेखनीय प्रगति और बेहतर लाभ प्राप्त हुआ।
पारंपरिक खेती से एकीकृत कृषि मॉडल तक
प्रधानमंत्री के अनुसार, हीरोद ने पारंपरिक धान उत्पादन के साथ-साथ केले और मछली पालन को भी अपनाया। आज वे अपने तालाब के ऊपर जाल लगाकर बेल वाली सब्जियां उगाते हैं, आसपास केले, अमरूद और नारियल के पेड़ लगाए हैं तथा तालाब में मत्स्य पालन करते हैं।
यह एकीकृत कृषि मॉडल भूमि के बेहतर उपयोग, जल संरक्षण और आय में वृद्धि का उत्कृष्ट उदाहरण बन चुका है। प्रधानमंत्री ने कहा कि हीरोद के इस नवाचारी मॉडल को देखने और समझने के लिए आसपास के क्षेत्रों से किसान उनके पास पहुंच रहे हैं।
युवाओं के लिए प्रेरणा
प्रधानमंत्री मोदी ने किसानों को सलाह दी कि वे हीरोद पटेल की तरह परंपरागत ज्ञान को नई सोच के साथ जोड़ें। नवाचार और अनुकूलन ही कृषि को सशक्त और टिकाऊ बनाने की कुंजी है।
हीरोद पटेल की सफलता यह साबित करती है कि युवा किसान यदि नई तकनीकों और विविधीकरण को अपनाएं, तो कृषि न केवल लाभकारी बन सकती है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा दे सकती है।
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