Home / Odisha / ओडिशा के नाविक का समुद्र के बीच लापता होने पर गहराया रहस्य
IAT NEWS INDO ASIAN TIMES ओडिशा की खबर, भुवनेश्वर की खबर, कटक की खबर, आज की ताजा खबर, भारत की ताजा खबर, ब्रेकिंग न्यूज, इंडिया की ताजा खबर

ओडिशा के नाविक का समुद्र के बीच लापता होने पर गहराया रहस्य

  •     परिजन बोले- दुर्घटना नहीं, आपराधिक जांच हो

  •     जहाज संचालक कंपनी पर गंभीर आरोप

भुवनेश्वर। ओडिशा के युवा समुद्री प्रशिक्षु सार्थक महापात्र के रहस्यमय लापता होने के मामले में परिवार ने आपराधिक जांच की मांग की है। तीन फरवरी को मॉरीशस तट के निकट समुद्र के बीच जहाज से उनके गायब होने की घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

सार्थक की माता रश्मिता महापात्र और मामा संतोष साहू सिंगापुर गए थे, जहां जहाज पहुंचा था। वहां अधिकारियों की मौजूदगी में उन्होंने जहाज का निरीक्षण किया। स्वदेश लौटने के बाद उन्होंने जहाज संचालित करने वाली कंपनी पर सहयोग न करने और महत्वपूर्ण जानकारी छिपाने का आरोप लगाया।

रहस्य जहाज के भीतर ही छिपा है

परिजनों का कहना है कि सार्थक के लापता होने का रहस्य उसी जहाज के भीतर छिपा है। उनका आरोप है कि जहाज बंदरगाह से जल्दबाजी में रवाना हुआ। बताया गया है कि सार्थक का पासपोर्ट अभी भी जहाज पर है और जहाज को हांगकांग में रोके जाने की सूचना दी गई है। परिवार ने आशंका जताई है कि सार्थक के साथ कुछ अनहोनी हुई है और सच्चाई सामने नहीं लाई जा रही।

जहाज पर पूछताछ में बाधा का आरोप

सार्थक के मामा संतोष साहू ने भुवनेश्वर हवाई अड्डे पर पत्रकारों से कहा कि भारतीय उच्चायोग और नौवहन महानिदेशक के सहयोग से वे सिंगापुर में जहाज पर चढ़ सके। उन्होंने आरोप लगाया कि जहाज संचालित करने वाली कंपनी के अधिकारियों ने सहयोग नहीं किया। जब भी वे सार्थक के सहकर्मियों या अन्य अधिकारियों से बात करने का प्रयास करते, कंपनी के प्रतिनिधि बीच में हस्तक्षेप कर प्रश्न पूछने से रोक देते थे। उनका दावा है कि जहाज पर लगभग पंद्रह कंपनी अधिकारी मौजूद थे और परिवार को जहाज के अधिकांश हिस्सों में जाने से रोका गया। केवल सार्थक के निजी कक्ष तक ही जाने की अनुमति दी गई। गहन तलाशी की मांग करने पर भी स्पष्ट उत्तर नहीं मिला और कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने का दबाव बनाया गया।

दृश्य अभिलेख दिखाने में विफल

परिवार का आरोप है कि घटना वाले दिन के बंद परिपथ दृश्य अभिलेख भी उन्हें नहीं दिखाए गए। उन्होंने प्रश्न उठाया कि यदि दृश्य अभिलेख देखे बिना खोज अभियान चलाया गया, तो वह कैसे विश्वसनीय हो सकता है। सार्थक की माता ने कहा कि जब वे अपने पुत्र के कक्ष के समीप स्थित निकास द्वार से बाहर गईं, तो पाया कि वहां से अनजाने में समुद्र में गिरना संभव नहीं है। इससे संदेह और गहरा हो गया है।

केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग

परिजनों ने केंद्र सरकार से सिंगापुर प्रशासन से समन्वय कर मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की है। सिंगापुर के समुद्री और बंदरगाह प्राधिकरण द्वारा जांच की बात कही गई है, आवश्यकता पड़ने पर वहां की पुलिस भी शामिल हो सकती है। परिवार का स्पष्ट कहना है कि यह केवल लापता होने का मामला नहीं, बल्कि संभावित आपराधिक घटना है। उन्होंने निष्पक्ष और गहन आपराधिक जांच की मांग करते हुए कहा कि जब तक सच्चाई सामने नहीं आती, वे संघर्ष जारी रखेंगे।

Share this news

About desk

Check Also

IHM (74)

श्रीजन सम्मान समारोह में पत्रकारिता और समाजसेवा का सम्मान

7 को मीडिया उत्कृष्टता व 12 को ओडिशा गौरव सम्मान भुवनेश्वर में आयोजित भव्य समारोह …