ओड़िशा: भुवनेश्वर के लब्धप्रतिष्ठित जुपिटर विज्ञान महाविद्यालय में नवगीत दिवस बड़ी धूमधाम से मनाया गया। जिसमें विश्वविद्यालय के प्रोफेसर एवं छात्र-छात्राओं ने विशेष रूप से भाग लिया। महाविद्यालय के डाॅ सुरभि बेहेरा ने बताया कि सर्वप्रथम श्री राजेंद्र प्रसाद सिंह ने सन् 1958 ई० में “गीतांगिनी” नाम से देश के चुने हुए शब्द शिल्पियों के नवगीतों का संकलन प्रकाशित किया था, इसीलिए “नवगीत कुटुंब” के अध्यक्ष श्री शिवानंद सिंह “सहयोगी” जी ने सम्पूर्ण नवगीत प्रेमियों के समर्थन और सहयोग से 5 फरवरी को नवगीत दिवस के रूप में मनाने का विनम्र अनुरोध देश भर कवियों एवं साहित्यकारों से किया था। अत्यन्त प्रसन्नता की बात यह है कि देश-भर के कवियों एवं साहित्यकारों ने बड़े उत्साह से इसका पालन किया और देश के विभिन्न हिस्सों में 5 फरवरी को नवगीत दिवस बहुत ही उत्साह से मनाया गया वहीं देश के “ग”क्षेत्र भुवनेश्वर में अवस्थित जुपिटर विज्ञान महाविद्यालय ने भी यह दिवस बड़ी धूमधाम से मनाया। इस कार्यक्रम की सुत्र धार रही महाविद्यालय की डाॅ० सुरभि बेहेरा जिसके अथक प्रयास से नवगीत दिवस बड़ी भव्यता से मनाया गया और कविता से लेकर नवगीत लेखन के बारे में महाविद्यालय के विद्यार्थियों को विस्तार से समझाया गया। छात्रों के उत्साह को दोगुना करने में सुश्री कल्पना कर ने अपना योगदान देकर कार्यक्रम में चार-चांद लगा दिया।
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