Home / Odisha / केंद्रीय बजट ओडिशा को निर्यात और हरित लॉजिस्टिक्स का केंद्र बनाएगा: विजय खण्डेलवाल
bijay khandelwal

केंद्रीय बजट ओडिशा को निर्यात और हरित लॉजिस्टिक्स का केंद्र बनाएगा: विजय खण्डेलवाल

  •  राष्ट्रीय जलमार्ग, रेयर-अर्थ कॉरिडोर और ईको-टूरिज्म से निर्यात आधारित उद्योगों को नई दिशा

भुवनेश्वर। केंद्रीय बजट 2026-27 पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कटक मारवाड़ी समाज के पूर्व अध्यक्ष, उद्योगपति एवं समाजसेवी विजय खण्डेलवाल ने कहा कि यह बजट ओडिशा को भारत की विकास रणनीति के केंद्र में लाने के साथ-साथ राज्य को एक मजबूत निर्यात उन्मुख औद्योगिक हब के रूप में स्थापित करने की ठोस आधारशिला रखता है।

उन्होंने कहा कि नेशनल वॉटरवे-5 से राष्ट्रीय जलमार्गों की शुरुआत ओडिशा के खनिज, स्टील, एल्युमिनियम, कृषि और विनिर्माण उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक कम लागत और पर्यावरण-अनुकूल माध्यम से पहुंचाने में सहायक होगी। इससे राज्य की लॉजिस्टिक्स क्षमता बढ़ेगी, निर्यात प्रतिस्पर्धा मजबूत होगी और स्थानीय उद्योगों को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिलेगी।

हरित लॉजिस्टिक्स और उन्नत विनिर्माण से निवेश और रोजगार को बढ़ावा

विजय खण्डेलवाल ने रेयर-अर्थ कॉरिडोर और हरित लॉजिस्टिक्स पहलों को भविष्य के उद्योगों के लिए निर्णायक बताते हुए कहा कि इससे सेमीकंडक्टर, उन्नत विनिर्माण और वैल्यू-एडेड एक्सपोर्ट को नई गति मिलेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र और राज्य सरकारों के समन्वय से यदि एमएसएमई और निर्यात आधारित इकाइयों को नीति समर्थन दिया गया, तो ओडिशा आने वाले वर्षों में भारत के प्रमुख निर्यात और सतत विकास केंद्रों में शामिल होगा।

निर्यात परिवहन लागत में उल्लेखनीय कमी आएगी

उन्होंने कहा कि जलमार्गों और हरित लॉजिस्टिक्स के विस्तार से निर्यात परिवहन लागत में उल्लेखनीय कमी आएगी, जिसका सीधा लाभ निर्यात मूल्य पर पड़ेगा। सड़क और रेल परिवहन की तुलना में जलमार्ग अधिक किफायती होने से ईंधन खर्च, हैंडलिंग चार्ज और समय की बचत होगी। इससे ओडिशा के उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कम कीमत पर अधिक प्रतिस्पर्धी बन सकेंगे और निर्यातकों का मार्जिन भी सुरक्षित रहेगा।

उद्योगों की समग्र लागत संरचना मजबूत होगी

विजय खण्डेलवाल ने आगे कहा कि लॉजिस्टिक्स लागत में कमी का सकारात्मक प्रभाव केवल निर्यात तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कच्चे माल की आपूर्ति, भंडारण, बीमा और कार्गो प्रबंधन जैसी सहायक गतिविधियों पर भी पड़ेगा। इससे उद्योगों की समग्र लागत संरचना मजबूत होगी, निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा और ओडिशा को एक कॉस्ट-इफेक्टिव मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट डेस्टिनेशन के रूप में वैश्विक पहचान

 

Share this news

About admin

Check Also

IHM (74)

श्रीजन सम्मान समारोह में पत्रकारिता और समाजसेवा का सम्मान

7 को मीडिया उत्कृष्टता व 12 को ओडिशा गौरव सम्मान भुवनेश्वर में आयोजित भव्य समारोह …