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ओडिशा समावेशी और सतत विकास का मॉडल राज्य बना

  •     आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में विकास का एक सशक्त उदाहरण बताया गया

  •     विभिन्न क्षेत्रों में जमीनी स्तर पर मिले ठोस परिणामों के लिए ओडिशा की बार-बार सराहना की गई

  •     संतुलित और सतत विकास का खाका बना ओडिशा

भुवनेश्वर। आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में ओडिशा को भारत में राज्य-नेतृत्व वाले विकास का एक सशक्त उदाहरण बताया गया है। सर्वेक्षण में नीति नवाचार, समावेशी विकास रणनीतियों और विभिन्न क्षेत्रों में ज़मीनी स्तर पर मिले ठोस परिणामों के लिए ओडिशा की बार-बार सराहना की गई है।

सर्वेक्षण के अनुसार, जलवायु सहनशीलता, कौशल विकास, शिक्षा, सेमीकंडक्टर निर्माण, शहरी सुधार और जनजातीय आजीविका जैसे क्षेत्रों में ओडिशा की प्रगति इसे संतुलित और सतत विकास का मॉडल राज्य बनाती है।

भारत के सेमीकंडक्टर मिशन में ओडिशा की अहम भूमिका

एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए सर्वेक्षण में कहा गया है कि इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन और सेमिकॉन इंडिया कार्यक्रम के तहत देश के छह राज्यों में चल रही दस सेमीकंडक्टर निर्माण एवं पैकेजिंग परियोजनाओं में ओडिशा भी शामिल है। इन परियोजनाओं में कुल निवेश करीब 1.6 लाख करोड़ रुपये आंका गया है।

ओडिशा की सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग और फैबलेस नीति को घरेलू उत्पादन क्षमता बढ़ाने और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने के लिए विशेष रूप से सराहा गया है।

शिक्षा, कौशल विकास और जनजातीय आजीविका की सराहना

शिक्षा क्षेत्र में मो कॉलेज कार्यक्रम और उत्कृष्टता एवं समानता के लिए उच्च शिक्षा कार्यक्रम को पूर्व छात्रों की भागीदारी, शोध इंटर्नशिप और उत्कृष्टता केंद्रों के विकास के लिए सराहा गया। वहीं, ओडिशा कौशल विकास प्राधिकरण की “फिक्स, स्केल, एक्सेलरेट” रणनीति के तहत आईटीआई सुधारों को भी महत्वपूर्ण बताया गया है, जिससे संसाधनों के बेहतर उपयोग के साथ उन्नत कौशल प्रशिक्षण का दायरा बढ़ा है।

गजपति में जनजातीय किसानों की आय में ऐतिहासिक बढ़ोतरी

सर्वेक्षण में गजपति जिले की “ग्रामीण जनजातीय किसान की आजीविका सुदृढ़ीकरण योजना” को एक उल्लेखनीय पहल बताया गया है। स्थानीय ज्ञान, कम लागत तकनीक और बाज़ार से जोड़ने की व्यवस्था के माध्यम से इस योजना ने किसानों की वार्षिक आय को करीब 1,500 रुपये से बढ़ाकर लगभग 90,000 रुपये तक पहुंचा दिया, जिससे पलायन में भारी कमी आई है।

शहरी सुधार और जलवायु कार्रवाई में भी अग्रणी

आर्थिक सर्वेक्षण में ओडिशा के प्रगतिशील शहरी और श्रम सुधारों का भी उल्लेख किया गया है। भवन उपनियमों में उदारीकरण और महिलाओं की कार्यबल में भागीदारी बढ़ाने के कदमों को सकारात्मक बताया गया।

कचरा-मुक्त शहरी ओडिशा मिशन, जिसमें बायो-माइनिंग और सामग्री पुनर्प्राप्ति पर जोर है, को शहरी स्थिरता की एक प्रभावी पहल के रूप में रेखांकित किया गया।

पारादीप बंदरगाह बनेगा हरित हाइड्रोजन केंद्र

पारादीप बंदरगाह को हरित हाइड्रोजन हब के रूप में चिन्हित किए जाने से ओडिशा भारत के स्वच्छ ऊर्जा और डीकार्बोनाइजेशन रोडमैप में एक महत्वपूर्ण स्थान हासिल कर रहा है।

मजबूत आर्थिक प्रदर्शन के आंकड़े

इधर, मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने बताया कि ओडिशा का शुद्ध राज्य घरेलू उत्पाद (एनएसडीपी) वर्ष 2023-24 में 6.99 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 2024-25 में अनुमानित 7.9 लाख करोड़ रुपये हो गया है।

इस दौरान राज्य ने 13.04 प्रतिशत की वृद्धि दर दर्ज की है।

वहीं, प्रति व्यक्ति एनएसडीपी बढ़कर 1,68,966 रुपये हो गया है, जो राज्य के लोगों के जीवन स्तर में निरंतर सुधार को दर्शाता है।

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