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जलवायु संकट से निपटने की दिशा में ओडिशा की बड़ी पहल

  •    कृषि सूखा न्यूनीकरण कार्यक्रम से हजोरों किसानों को मिलेगा संबल

भुवनेश्वर। ओडिशा सरकार के कृषि एवं किसान सशक्तिकरण विभाग ने कृषि ओडिशा 2026 के उद्घाटन समारोह में ओडिशा कृषि सूखा न्यूनीकरण कार्यक्रम की शुरुआत की। राष्ट्रीय आपदा न्यूनीकरण निधि के तहत लागू यह महत्वाकांक्षी योजना राज्य की कृषि को जलवायु संकट के प्रति अधिक सक्षम बनाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।

141.50 करोड़ की योजना, तीन जिलों में क्रियान्वयन

141.50 करोड़ रुपये की इस योजना को नुआपड़ा के कोमना, नवरंगपुर के कोसागुमुड़ा और मयूरभंज के रारुआं प्रखंडों में लागू किया जाएगा। योजना का लाभ छोटे और सीमांत किसान, जनजातीय समुदाय, महिलाएं और युवा किसान उठाएंगे।

पलायन पर लगेगा अंकुश

इस कार्यक्रम से लगभग 24 हजार परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा। इससे आजीविका सुदृढ़ होगी, कृषि उत्पादकता बढ़ेगी और फसल विविधीकरण को बढ़ावा मिलेगा। सरकार का मानना है कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों से होने वाले पलायन में भी कमी आएगी।

वैज्ञानिक सहयोग से बनेगी मजबूत कृषि प्रणाली

कार्यक्रम के तकनीकी सहयोग में अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान संस्थान भागीदारी करेंगे। इनके सहयोग से वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर आधारित योजना और ज़मीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा।

सूखा प्रबंधन में अग्रिम तैयारी जरूरी

उपमुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंहदेव ने कहा कि सूखा प्रबंधन में अग्रिम और सक्रिय तैयारी समय की आवश्यकता है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों और संस्थाओं से समन्वय के साथ काम करने का आह्वान किया, ताकि योजना का लाभ सीधे किसानों तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि लचीलापन आजीविका की रक्षा करता है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मज़बूती देता है।

पहली बार राष्ट्रीय आपदा न्यूनीकरण निधि से सूखा योजना

कृषि विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ अरविंद कुमार पाढ़ी ने कहा कि विज्ञान आधारित योजना, विभागीय समन्वय और समुदाय की भागीदारी इस कार्यक्रम के तीन प्रमुख स्तंभ हैं। उन्होंने बताया कि यह राष्ट्रीय आपदा न्यूनीकरण प्राधिकरण से वित्तपोषित पहला सूखा न्यूनीकरण कार्यक्रम है।

वरिष्ठ अधिकारी और वैज्ञानिक रहे मौजूद

कार्यशाला में ओयूएटी के कुलपति डॉ प्रभात कुमार राउल, अतिरिक्त सचिव शुभ्रांशु मिश्रा, राष्ट्रीय व राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के प्रतिनिधि, मौसम विभाग के अधिकारी, कृषि विज्ञान केंद्रों के वैज्ञानिक और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में संयुक्त निदेशक संग्राम केशरी पटनायक ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।

सतत कृषि की ओर मजबूत कदम

यह कार्यक्रम सतत कृषि और जलवायु अनुकूल खेती के प्रति ओडिशा की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इससे राज्य को सूखा प्रबंधन और विज्ञान आधारित कृषि समाधान के क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में नई पहचान मिलने की उम्मीद है।

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