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भुवनेश्वर को ‘बेंचमार्क सिटी’ बनाने पर जोर
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नीति आयोग के उपाध्यक्ष ने मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी से मुलाकात की
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ओडिशा की विकास प्राथमिकताओं, सुधारों और समावेशी व सतत विकास को गति देने के लिए विस्तृत चर्चा हुई
भुवनेश्वर। केंद्र-राज्य सहयोग को और मजबूत करने का संकेत देती एक अहम बैठक में नीति आयोग के उपाध्यक्ष सुमन बेरी और सदस्य डॉ अरविंद विरमानी ने लोक सेवा भवन में मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी से मुलाकात की। बैठक में ओडिशा की विकास प्राथमिकताओं, चल रहे सुधारों और समावेशी व सतत विकास को गति देने के लिए नीति आयोग के साथ रणनीतिक साझेदारी पर विस्तृत चर्चा हुई।
अवसंरचना से उद्योग और ग्रामीण समृद्धि को बल
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने बताया कि सड़क, सिंचाई, बिजली और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में तेज प्रगति से राज्य में औद्योगिक विस्तार और ग्रामीण समृद्धि को बढ़ावा मिला है। उन्होंने एमएसएमई सुदृढ़ीकरण, मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर, निवेश आकर्षण और स्थानीय जरूरतों के अनुरूप कौशल विकास के जरिए रोजगार सृजन पर राज्य के लक्षित प्रयासों को रेखांकित किया।
बीसीपीपीईआर पर विशेष फोकस
बैठक का प्रमुख केंद्र भुवनेश्वर-कटक-पुरी-पारादीप आर्थिक क्षेत्र (बीसीपीपीईआर) रहा, जिसे राज्य के लिए बड़े विकास इंजन के रूप में देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इस क्षेत्र से जुड़े करीब 90 प्राथमिक परियोजनाओं के लिए नीति आयोग से सक्रिय मार्गदर्शन और अर्बन चैलेंज फंड के माध्यम से वित्तीय सहयोग का आग्रह किया। इन परियोजनाओं से शहरी और औद्योगिक परिदृश्य में व्यापक बदलाव की संभावना जताई गई।
ओडिशा की वित्तीय सेहत और सुधारों की सराहना
नीति आयोग के उपाध्यक्ष सुमन बेरी ने मुख्यमंत्री माझी के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा कि ओडिशा वित्तीय अनुशासन और निवेश-अनुकूल माहौल के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। उन्होंने औद्योगिकीकरण को तेज करने वाले सुधारों की भी सराहना की।
भुवनेश्वर को मॉडल सिटी बनाने का सुझाव
बेरी ने भुवनेश्वर को विशेष ध्यान में रखते हुए सीवेज प्रबंधन, स्वच्छता, हरित क्षेत्र और सतत अवसंरचना पर फोकस करने की सलाह दी। उन्होंने वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं, विशेषकर एकीकृत शहरी नियोजन (टेक्सास मॉडल जैसी अवधारणा) अपनाकर भुवनेश्वर को देश के लिए बेंचमार्क सिटी के रूप में विकसित करने का सुझाव दिया।
ग्रीन एनर्जी से लेकर लिविंग लैब्स तक
नीति आयोग उपाध्यक्ष ने ग्रीन एनर्जी संक्रमण, डाटा-आधारित शासन, कौशल सुधार, जनजातीय सशक्तीकरण (वैल्यू चेन के माध्यम से) और फ्रंटियर टेक लैब के तहत लिविंग लैब्स जैसी पहलों में ओडिशा की सक्रिय भूमिका की सराहना की। डॉ अरविंद विरमानी ने भी समावेशी विकास के लिए राज्य की दूरदर्शी नीतियों की प्रशंसा की।
तेज और समावेशी विकास के लिए सहयोग जरूरी
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और निवेश सुविधा को राष्ट्रीय सुधारों के अनुरूप आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि ओडिशा की तेज, समावेशी विकास और बेहतर जीवन गुणवत्ता की परिकल्पना को साकार करने में नीति आयोग के साथ सहयोग निर्णायक है।
बैठक में मुख्य सचिव अनु गर्ग, प्रधान सचिव (वित्त) संजीव मिश्र, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव शास्वत मिश्र और विकास आयुक्त डीके सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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