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पश्चिमी विक्षोभ के असर से बदला मौसम
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राज्य के कई जिलों में दृश्यता बेहद कम
भुवनेश्वर। ओडिशा में पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से शीतलहर की तीव्रता में कुछ कमी जरूर आई है, लेकिन इसके साथ ही घना कोहरा एक नई मौसमीय चुनौती बनकर सामने आया है। तड़के राज्य के कई हिस्सों में घने कोहरे ने जनजीवन को प्रभावित किया और दृश्यता कुछ ही मीटर तक सिमट गई।
सुबह के समय यातायात पर पड़ा असर
घने कोहरे के कारण खासकर सुबह के व्यस्त समय में सड़क यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। कई इलाकों में वाहन चालकों को बेहद सतर्क होकर चलना पड़ा। कम दृश्यता के चलते दैनिक कार्यों और आवाजाही में भी बाधा देखने को मिली।
कोहरे में डूबा जगन्नाथ धाम
तटीय शहर पुरी में एक दुर्लभ और चौंकाने वाला दृश्य देखने को मिला। घने कोहरे ने पूरे तीर्थ नगर को अपनी चपेट में ले लिया। श्रीजगन्नाथ मंदिर का भव्य शिखर और बड़देउला पर स्थित नीलचक्र ध्वज लंबे समय तक नजर नहीं आए। स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने इस नजारे को असामान्य और अद्भुत बताया, जब पूरा मंदिर परिसर कोहरे की मोटी चादर में मानो विलीन हो गया।
कोहरे के पीछे मौसम की वजह
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के असर से न्यूनतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी हुई है, लेकिन वातावरण में नमी का स्तर अधिक होने और हवाओं की गति कम रहने के कारण सुबह के समय घने कोहरे का निर्माण हो रहा है। मौसम विभाग का संकेत है कि आने वाले कुछ दिनों तक सुबह और देर रात इसी तरह के कोहरे की स्थिति राज्य के कई हिस्सों में बनी रह सकती है।
प्रशासन ने जारी की यात्रा सलाह
कम दृश्यता और संभावित दुर्घटनाओं को देखते हुए राज्य प्रशासन ने यात्रा को लेकर सतर्कता बरतने की सलाह जारी की है। लोगों से अपील की गई है कि वे सुबह के समय अनावश्यक यात्रा से बचें और यातायात निर्देशों का सख्ती से पालन करें।
वाहन चालकों से विशेष सावधानी की अपील
प्रशासन ने वाहन चालकों से आग्रह किया है कि वे जहां संभव हो फॉग लाइट का उपयोग करें, धीमी गति से वाहन चलाएं और सुरक्षित दूरी बनाए रखें। कोहरे के दौरान लापरवाही दुर्घटनाओं का कारण बन सकती है। शीतलहर से राहत के बीच घना कोहरा फिलहाल ओडिशा के लिए नई चुनौती बना हुआ है, जिससे निपटने के लिए सतर्कता और सावधानी बेहद जरूरी मानी जा रही है।
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