भुवनेश्वर। बडु नियोग और सुआर नियोग सेवायतों के बीच उत्पन्न विवाद के सुलझने के बाद भगवान लिंगराज मंदिर में पूजा-अनुष्ठान सामान्य रूप से पुनः आरंभ हो गए हैं। सूत्रों के अनुसार, मंगलवार को संध्या धूप के बाद दो सेवायत समूहों के बीच विवाद के कारण मंदिर में कोई भी अनुष्ठान नहीं किया गया। इसके चलते मंगलवार शाम से ही अधिष्ठाता देवता को भोग अर्पित नहीं हो सका और बुधवार को मकर संक्रांति के अनुष्ठान भी नहीं हो पाए।
विवाद मकर संक्रांति के अवसर पर होने वाले प्रमुख खीर आउटा अनुष्ठान को लेकर उत्पन्न हुआ था, जिसे करने के अधिकार को लेकर दोनों सेवायत समूह दावा कर रहे थे। अंततः मामला सुलझ गया, जिसके बाद गुरुवार सुबह मंगला आरती और धाड़ी दर्शन के साथ पूजा-अनुष्ठान पुनः शुरू किए गए।
इस बीच, एकाम्र-भुवनेश्वर के विधायक बाबू सिंह ने भगवान लिंगराज मंदिर में पूजा-अनुष्ठान रोके जाने पर गहरी चिंता व्यक्त की और जिम्मेदार सेवायतों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी। उन्होंने इस घटना को “अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण” बताते हुए कहा कि इससे श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।
विधायक ने स्पष्ट किया कि सेवायतों का कार्य पूजा-अनुष्ठान संपन्न कराना है, न कि उन्हें रोकने का निर्णय लेना। उन्होंने कहा कि जिन्होंने अनुष्ठान बाधित किए हैं, उन्हें मंदिर सेवा जारी नहीं रखनी चाहिए। साथ ही, सभी सेवायतों से परंपराओं का सम्मान करने और भक्तों की भावनाओं की रक्षा करने का आग्रह किया।
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