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दो नर्सों में लक्षण मिलने के बाद बढ़ी चिंता
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सीमावर्ती इलाकों में निगरानी तेज
भुवनेश्वर। पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में दो नर्सों में निपाह वायरस संक्रमण जैसे लक्षण पाए जाने के बाद ओडिशा में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। दोनों के नमूने पुष्टि के लिए एम्स भेजे गए हैं। अंतरराज्यीय आवाजाही अधिक होने के कारण ओडिशा में स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए है।
केंद्र सरकार ने बनाई संयुक्त राष्ट्रीय टीम
मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय संयुक्त प्रकोप प्रतिक्रिया टीम का गठन किया है। केंद्र ने पश्चिम बंगाल सरकार को हरसंभव तकनीकी और लॉजिस्टिक सहायता देने का भरोसा दिया है। इस संबंध में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने सीधे पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से बातचीत कर स्थिति की जानकारी ली।
जांच, इलाज और संक्रमण नियंत्रण के पुख्ता इंतजाम
स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार संभावित संक्रमण को रोकने के लिए जांच, निगरानी, उपचार और संक्रमण नियंत्रण से जुड़े सभी संसाधन तैनात कर दिए गए हैं। पश्चिम बंगाल सरकार ने कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग तेज कर दी है और एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि वायरस का प्रसार रोका जा सके।
निपाह वायरस कैसे फैलता है
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया कि निपाह वायरस जानवरों से इंसानों में, संक्रमित भोजन के जरिए या मानव से मानव संपर्क के माध्यम से फैल सकता है। संक्रमित व्यक्ति की लार, मूत्र, मल और रक्त से संक्रमण का खतरा अधिक रहता है।
लक्षण और खतरे
निपाह वायरस से संक्रमित व्यक्ति में बुखार, सिरदर्द, गले में दर्द, दस्त, उल्टी, मांसपेशियों में दर्द और सांस लेने में दिक्कत जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। गंभीर मामलों में मरीज बेहोशी या कोमा की स्थिति में भी जा सकता है।
सावधानी बरतने की अपील
प्रशासन ने लोगों से नियमित हाथ धोने, स्वच्छता बनाए रखने और सूअर व चमगादड़ों से दूरी बनाए रखने की अपील की है। किसी भी तरह के लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करने की सलाह दी गई है।
ओडिशा में अब तक कोई मामला नहीं
हालांकि ओडिशा में अब तक निपाह वायरस का कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन कोविड काल के अनुभव को देखते हुए लोगों में चिंता बनी हुई है। दूसरे राज्यों से आने-जाने वाले यात्रियों के कारण संभावित खतरे को नकारा नहीं जा सकता।
सीमाओं और अस्पतालों में निगरानी बढ़ी
ओडिशा सरकार ने राज्य की सीमाओं और अस्पतालों में निगरानी तेज कर दी है। अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड तैयार किए गए हैं और लोगों को जागरूक करने के लिए सूचना अभियान भी मजबूत किया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सतर्कता और सामुदायिक सहयोग से ही किसी भी संभावित खतरे से निपटा जा सकता है।
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