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सस्ती, विश्वसनीय और गुणवत्ता पूर्ण बिजली आपूर्ति पर जोर
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प्रमुख परियोजनाओं और लोगों-केंद्रित सेवाओं की समय पर पूर्णता पर बल
भुवनेश्वर। ओडिशा की मुख्य सचिव अनु गर्ग ने ऊर्जा विभाग और राज्य के पावर सेक्टर सार्वजनिक उपक्रमों की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। यह उनका विभाग में पदभार ग्रहण करने के बाद पहली औपचारिक समीक्षा बैठक थी।
बैठक में विशाल देव, ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव; भास्कर शर्मा, सीएमडी, ओपीटीसीएल; डॉ सत्य प्रिया रथ, एमडी, ग्रिडको, केदारांजन पांडु, एमडी, ओपीजीसी सहित सभी चार टीपी डिस्कॉम के सीईओ, विभिन्न पावर सेक्टर पीएसयू के निदेशक और ऊर्जा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
बिजली क्षेत्र की समग्र समीक्षा हुई
बैठक में बिजली उत्पादन, संचरण और वितरण, पावर खरीद, अवसंरचना विकास, नवीकरणीय ऊर्जा समाकलन और जनता-केंद्रित सेवाओं पर विस्तार से समीक्षा की गई। साथ ही, चल रही परियोजनाओं की प्रगति और उपक्रमों के मुख्य परिचालन एवं वित्तीय पहलुओं पर भी चर्चा हुई।
मुख्य सचिव ने कई निर्देश दिया
गर्ग ने राज्य में सस्ती, अविराम, विश्वसनीय और गुणवत्ता पूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने पर बल दिया। उन्होंने परियोजनाओं का समय पर पूरा होना, विभागों और पीएसयू के बीच समन्वय और जनता-केंद्रित सेवा वितरण को प्राथमिकता बताया। मुख्य सचिव ने सभी उपक्रमों को निर्देश दिए कि उनके कार्यान्वयन योजना को राज्य के विकास प्राथमिकताओं और सुधार पहलों के अनुरूप बनाना चाहिए, ताकि समृद्ध ओडिशा और विकसित भारत का लक्ष्य हासिल किया जा सके।
नवीन परियोजनाओं और नवीकरणीय ऊर्जा पर जोर
मुख्य सचिव ने पंप्ड स्टोरेज प्रोजेक्ट (पीएसपी) और फ्लोटिंग सोलर फोटोवोल्टाइक (एफएसपीवी) की संभावनाओं को भुनाने पर बल दिया और सभी परियोजनाओं के तत्काल क्रियान्वयन का निर्देश दिया। उन्होंने महत्वपूर्ण ट्रांसमिशन इन्फ्रास्ट्रक्चर, जैसे विष्णुपुर के पास 765/400 केवी सबस्टेशन और संबंधित ट्रांसमिशन लाइन को तेज़ी से कार्यान्वित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। इसके साथ ही उन्होंने राज्य में ट्रांसमिशन लॉस को और कम करने के कदम उठाने का निर्देश दिया।
220 केवी रिंग नेटवर्क और संचालन पर विशेष ध्यान
मुख्य सचिव ने राजधानी क्षेत्र, केन्द्रीय क्षेत्रों और प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में 220 केवी रिंग नेटवर्क विकसित करने का निर्देश दिया। उन्होंने सभी उपक्रमों को संचालन और रखरखाव गतिविधियों की करीबी निगरानी करने को कहा, ताकि राज्य भर में अविराम बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
सूचना प्रबंधन और तकनीकी नवाचार जोर
मुख्य सचिव ने बिजली क्षेत्र में सूचना प्रसारण प्रणाली को प्रभावी बनाने और सिस्टम ऑटोमेशन व मॉनिटरिंग परियोजनाओं का समयबद्ध कार्यान्वयन करने पर जोर दिया। उन्होंने स्टाम्स परियोजना के तहत सभी सबस्टेशन को अगले एक वर्ष में कवर करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही, सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन और पीएम गति शक्ति योजना में प्रमुख पावर प्रोजेक्टों का समावेश सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया।
ऊर्जा विभाग और पीएसयू की पहल रेखांकित
प्रधान सचिव, ऊर्जा विभाग विशाल देव ने मुख्य सचिव को बताया कि विभाग सभी उपक्रमों के साथ संचरण और वितरण अवसंरचना को मजबूत बनाने, परिचालन दक्षता सुधारने और विश्वसनीय बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने में निकट सहयोग कर रहा है।
उन्होंने कहा कि विभाग सतत और तकनीकी नवाचारों के माध्यम से राज्य के दीर्घकालीन ऊर्जा लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध है।
बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों ने चुनौतियों और भविष्य की रणनीतियों पर भी अपने विचार साझा किए, ताकि राज्य की बढ़ती ऊर्जा मांग को पूरा किया जा सके।
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