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554 बैंक पासबुक, 704 बैंक डेबिट/क्रेडिट कार्ड, 69 मोबाइल फोन बरामद
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लोगों को पैसे दुगने करने का झांसा देकर किया बड़ा फ्रॉड
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साइबर फ्रॉड के लिए बनाए गए नकली बैंक अकाउंट
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बड़ी मात्रा में उपकरण और नकदी जब्त
कटक। कटक कमिश्नरेट पुलिस ने साइबर फ्रॉड रैकेट का भंडाफोड़ किया और संगठन के सात सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जिनमें चार बैंक कर्मचारी भी शामिल हैं। इस कार्रवाई से सामने आया कि यह रैकेट बड़ी योजनाबद्ध तरीके से लोगों को फंसाकर उनके पैसों को दुगना करने का लालच देकर हड़प रहा था।
पुलिस के अनुसार, आरोपी नकली बैंक अकाउंट बनाकर लोगों को लुभाते थे और आकर्षक वित्तीय रिटर्न का झांसा देते थे। अपने तकनीकी संसाधनों और बैंकिंग एक्सेस का इस्तेमाल कर, ये अपराधी लंबे समय तक बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी करते रहे।
पुलिस कमिश्नर देवदत्त सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि रैकेट की योजना इतनी पेशेवर थी कि इसे आसानी से चलाया जा रहा था। रैकेट ने टेलीग्राम जैसे एप्स का इस्तेमाल कर निवेश स्कीम का विज्ञापन किया। शुरुआती निवेशकों को 2,000-4,000 रुपये के छोटे रिटर्न दिखाकर भरोसा दिलाया। बड़े निवेश होने पर पैसे कई नकली बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कर दिए जाते थे और निवेशक अंततः कुछ भी नहीं पाते थे। चार गिरफ्तार सदस्य बैंक कर्मचारी थे, जिन्होंने 10,000 रुपये लेकर म्यूल बैंक अकाउंट की जानकारी दी। अंततः, सात मुख्य सदस्यों को गिरफ्तार किया गया।
ताबड़तोड़ छापेमारी और जब्ती
पुलिस ने आरोपी के पास से भारी मात्रा में उपकरण और बैंक सामग्री जब्त की, जिनमें हार्ड डिस्क, कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल फोन, चेक बुक, मोबाइल सिम कार्ड, स्कैनर, 554 बैंक पासबुक, 704 बैंक डेबिट/क्रेडिट कार्ड, 69 मोबाइल फोन शामिल हैं। साथ ही, आरोपियों से जुड़े विभिन्न बैंक खातों में 90 लाख रुपये भी फ्रीज किए गए।
अदालत और आगे की कार्रवाई
कमिश्नरेट पुलिस ने कहा कि इस मामले की सख्त निगरानी और जांच जारी है। पुलिस ने नागरिकों से सावधानी बरतने और अनजान निवेश स्कीम से दूर रहने की भी अपील की है।
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